Delhi Bus Marshals Re-appointment: अरविंद केजरीवाल के शाषण काल में नियुक्त किये जाने वाले बस मार्शलों के दिन एक बार फिर से बहुरने वाले हैं। दरअसल दिल्ली की नयी मुख्यमंत्री आतिशी सिंह ने ये फैसला लिया है कि एक सप्ताह में मार्शलों को पक्का करने का प्रस्ताव एलजी को भेजा जायेगा। इतना ही नहीं दिल्ली सरकार ने शनिवार को सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को बहाल करने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है।

इस बाबत विगत रविवार को मुख्यमंत्री आतिशी सिंह ने एक प्रेस वार्ता किया था और कहा था कि
दिल्ली में बस मार्शलों को फिर से तैनात करने का अहम फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को सोमवार से फिर से रोजगार मिलेगा। इतना ही नहीं आतिशी सिंह ने भाजपा पर यह आरोप भी लगाया कि वे बस मार्शलों के नाम पर राजनीति करते रहे हैं। मुख्यमंत्री का कहना था कि गरीब घर के लड़के-लड़कियों को केजरीवाल ने बस मार्शल की नौकरी दी लेकिन भाजपा ने रोजगार छीन लिया।
मुख्यमंत्री का कहना था कि इनकी नियुक्ति इसलिए की गई थी ताकि बसों में सफर करने वाली महिलाओं को किसी भी अप्रिय घटना से बचाया जा सके वहीं मार्शलों को अगले चार महीने के लिए फिर से नौकरी पर रखा गया है। इससे 10 हजार सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को फिर से नौकरी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि दिल्ली सरकार ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में ये सारे काम किए हैं।
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बस मार्शलों को किया आश्वस्त
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री आतिशी सिंह ने बस मार्शलों को आश्वस्त किया कि आने वाले कुछ दिनों में ही बस मार्शलों की स्थायी नियुक्ति का प्रस्ताव एलजी के पास भेजेंगे। और जब तक इन्हें स्थायी नियुक्ति नहीं मिल जाती तब तक फरवरी के महीने तक बस मार्शलों को प्रदूषण के ख़िलाफ़ मुहीम में जोड़ा जा रहा है।
रेजिस्ट्रेशन होगा डीएम ऑफिस
आगे कहा कि मंगलवार से ये अपना रेजिस्ट्रेशन डीएम ऑफिस में कर सकते हैं। 2018 में केजरीवाल की सरकार ने डीटीसी बस मार्शलों की नियुक्ति की ताकि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ ना हो और बच्चे और बुजुर्ग भी सुरक्षित सफर कर सकें। लेकिन भाजपा ने अप्रैल 2023 में षड्यंत्र करके 10 हजार बस मार्शलों की तनख्वाह रोक ली और फिर अक्टूबर 2023 में उन्हें नौकरी से निकाल दिया।
प्रदूषण से बचाव के लिए तैनात
स्वयंसेवकों को अब दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ चल रही लड़ाई में तैनात किया जाएगा। मुख्यमंत्री आतिशी ने बताया कि कुछ बस मार्शलों को परिवहन विभाग को सौंपा जाएगा। जो दिल्ली भर में लगभग 1,000 प्रदूषण निरीक्षण केंद्रों की देखरेख करता है जहाँ वाहनों के उत्सर्जन की जाँच की जाती है। उनका कर्तव्य यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी वाहन को अनुचित तरीके से प्रदूषण प्रमाण पत्र न मिले आतिशी ने अपने कर्तव्यों के बारे में जानकारी देते हुए कहा की दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि (ग्रेप) प्रतिबंध III और IV के कार्यान्वयन के साथ दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों के प्रकारों पर भी सीमाएँ हैं।
इसलिए इन बस मार्शलों को परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों की अनुपालन जाँच में सहायता के लिए सीमाओं पर तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट और 27 अतिरिक्त स्थान हैं जहाँ प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है और निगरानी की आवश्यकता है। और दिल्ली वायु प्रदूषण के डॉक्टर ने बच्चों के लिए स्कूल बंद करने का सुझाव दिया इन क्षेत्रों में एमसीडी के डिप्टी कमिश्नरों के समन्वय में बस मार्शल तैनात किए जाएँगे। मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कहा की इसके अलावा बस मार्शल और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स एमसीडी की निरीक्षण टीमों का समर्थन करेंगे जो निर्माण और विध्वंस कचरे की सक्रिय रूप से निगरानी कर रहे हैं।
