नई दिल्ली: देश विदेश में मनाये जा रहे लोकआस्था के महापर्व छठ व्रत के मौके पर पूर्व सांसद आनंद मोहन अपने पुत्र अंशुमन आनंद के साथ दिल्ली के एक दर्जन से भी ज्यादा छठ घाटों पर गये। इस क्रम में उन्होने बुराड़ी इलाके के बिभिन्न छठ घाटों मसलन भलस्वा झील, मुकुन्दपुर, बाबा कॉलोनी बुराड़ी,वशिष्ठ कॉलोनी, प्रधान इन्क्लेव,सुनील कॉलोनी, शक्ति इन्क्लेव, इंद्र प्रस्थ कॉलोनी, उत्तराखंड कॉलोनी,डी .सी एम् कॉलोनी ,स्वरूप विहार,झड़ौदा के साथ साथ अजमल खा पार्क करोल बाग़ में आनन्द पर्वत,पहाड़ गंज एवं बापा नगर के छठ घाटों पर पहुंचकर छठ व्रतियों से आशीर्वाद लिया।
इस दौरान छठ व्रतियों से मुलाकात के क्रम में आनंद मोहन ने कहा की दुनिया कहती है कि जिसका उदय होता है उसका अस्त होता है लेकिन छठ पूजा से यह देखने को मिलता है कि जिसका अस्त होता है उसका उदय भी होता है। यह त्योहार आस्था और विश्वास का त्योहार है। उन्होंने कहा कि गर्व की बात है हमारे बिहार के लोगों ने आज दिल्ली में भीं पटना की तरह छठ का त्योहार मनाया और दिल्ली वासियों को बता दिया कि छठ पूजा का त्योहार कितना महत्वपूर्ण है। छठ पूजा की शुभ कामना देते हुए उन्होंने कहा कि छठ पूजा बिहार के लोगो की खास पहचान है ,छठ पूजा में किसी पंडितों की जरुरत नहीं ,प्रत्यक्ष देवता सूर्य हैं। ढलते सूर्य को अर्क देने का खास महत्व है। इसके साथ ही आनंद मोहन ने बिहार से बिहारियों के पलायन पर भी सरकारों को घेरते हुए खेद जताया। यमुना किनारे छठ किये जाने को लेकर सरकारी पाबंदी पर आनंद मोहन ने कहा कि दिल्ली में यमुना किनारे छठ पूजा न होना बड़े दुःख की बात है। इसके लिए शिवहर सांसद लवली आनंद इसी लोकसभा सत्र में संसद में प्रश्न कर सरकार से जवाब तलब करेंगी।
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पूरे दल बल के साथ छठ समारोहों में आनंद मोहन की उपस्थिती मात्र से पूरबियों में काफी उत्साह दिखा। जगह—जगह पर युवाओं ने लोकप्रिय नेता आनंद मोहन को अपने बीच पाकर उनका भव्य स्वागत भी किया और कहा कि आप हमारे संरक्षक हैं। इस क्रम में युवाओं ने उनसे आग्रह किया कि वे हर साल छठ का त्योहार हम लोगों के साथ दिल्ली में ही मनाए। जवाब में आनंद मोहन ने कहा कि मेरा जीवन ही जनसेवा और जनता के लिए समर्पित है हम सदैव आप लोगों के साथ हैं और आजीवन रहेंगे भी।
इस मौके पर बुराड़ी के पूर्व विधान सभा प्रत्याशी और समाजसेवी गोपाल झा ने श्रद्धालुओं एवं छठ पूजा आयोजन समिति को बधाई दी और इस बात पर दुख जताया कि यमुना किनारे सैकड़ों सालों
/ हजारों सालों से हो रही छठ पूजा बंद हो जाना दिल्ली में चुने हुए विधायकों , सांसदों के लिए चुल्लूभर पानी में डूब मरने वाली बात है। और हम सभी के लिए बड़े दुःख की बात है।


