Onion Price: प्याज जैसे ही लाल होता है तो सियासी दलों को बुखार चढ़ने लगता है। आपको याद होगा कि इसी प्याज की बढ़ती कीमतों की वजह से दिल्ली में भाजपा को अपनी सत्ता गंवानी पड़ी थी और उस वक्त से लेकर अब तक 25 वर्ष बीत गये लेकिन भाजपा दिल्ली में सत्ता में आने के लिए संघर्ष कर रही है और प्याज के आंसू रो रही है। आगामी कुछ माह में दिल्ली में चुनाव है। वैसे तो त्योहारी सीजन खत्म हो जाने के बाद भी सभी सब्जियों की कीमत में उछाल देखा जा रहा है। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। लेकिन विशेष रूप से प्याज की बढ़ती कीमतों की वजह से लोग प्याज के आंसू रो रहे हैं। लोगों की जेब पर काफी ज्यादा फर्क पड़ रहा है।

आम लोगों को रुला रहा प्याज
दरअसल इन दिनों प्याज की कीमतों ने लोगों को एक बार फिर रुलाना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह के अंदर प्याज के थोक मूल्यों में 10 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़त देखने को मिली है जो आम लोगों तक पहुंचते-पहुंचते लगभग 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक महंगा हो जाता है। अगर बात दिल्ली की करें तो मंडी में प्याज लगभग 50 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। वहीं बाजारों में ये कीमत 60 रुपए प्रति किलो से 80 रुपए प्रति किलो है।
ये भी पढ़े…
सर्दी—जुकाम से मिलेगी राहत, तुलसी और काली मिर्च का करें सेवन
महाराष्ट्र में बारिश के कारण महंगा हुआ प्याज
प्याज की बढ़ती कीमतों की वजह महाराष्ट्र में हो रही बारिश को बताया जा रहा है। हालांकि प्याज विक्रेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में और बढ़त देखने को मिल सकती है। प्याज व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र में हो रही बारिश के कारण रास्ते बाधित हैं और देश में प्याज की अधिकतर सप्लाई नासिक से होती है। इसके कारण प्याज की कीमतों में बढ़त देखने को मिली है। वहीं इस मामले में वेजिटेबल ट्रेडर्स एसोसिएशन का कहना है कि प्याज की नई फसल आने तक कीमतों में और भी बढ़त देखने को मिल सकती है।
लखनऊ में प्याज की कीमत
बता दें कि दिवाली से पहले आलू 30 से 50 रुपए के बीच बिक रहा था। उस समय मंडी में कीमत 20 से 30 रुपए थी। लेकिन अब मंडियों में आलू की कीमत कम होकर 15 से 25 रुपए हो गई है। इसके बावजूद भी खुदरा बाजार में आलू की कीमत 30 से 50 रुपए प्रति किलो ही बिक रहा है। वहीं लखनऊ में भी प्याज की कीमतें 90 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रही है। इतना ही नहीं मंडी में लौकी, तोरई, भिंडी, शिमला, मिर्च आदि के दामों में गिरावट हुई है लेकिन बाजारों में इनकी कीमत ज्यों की त्यों बनी हुई है। इन दिनों खुदरा बाजारों में आलू 30 से 50 रुपए प्रति किलो, लौकी 30 से 40 रुपए प्रति किलो और गोभी 60 से 80 रुपए प्रति किलो बिक रही है। हालांकि त्योहारी सीजन पर टमाटर की कीमत 80 से 120 रुपए प्रति किलो पहुंच गई थी जो अभी घटकर 60 से 80 रुपए प्रति किलो हो गई है। दिवाली से पहले सब्जियों की कीमतों ने लोगों को रुला रखा था लेकिन उम्मीद थी कि त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद सब्जी की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और अब भी लोगों को सब्जियों की महंगाई की मार लगातार झेलनी पड़ रही है।
