सारण के खलपुरा गांव में ठनका गिरने से 9 लोगों की मौत, 10 घायल

0
845

पंचायत खबर टोली
छपरा: आम अवाम पर कोरोना महामारी के साथ मौसम का कहर भी जारी है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं इस प्राकृतिक कहर से कैसे बचें। कोरोना के कारण सरकार तो हाई अलर्ट पर है ही जनता भी अपने तरफ से लॉकडाउन का पालन कर इसके फैलाव पर रोकथाम की कोशिश में लगे हुए हैं। लेकिन इस बीच छपरा जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित खलपुरा में उस वक्त मातम पसर गया जब गांव के 9 लोगों की ब्रजपात से मृत्यु हो गई। इस घटना के संबंध में जब ग्रामिणों से बात की तो पता चला कि अन्य दिनों की भांति ही दियारा इलाके में खेती किसानी करने वाले ग्रामीण अपने खेत की ओर गये हुए थे। जहां बड़े पैमाने पर पलवल, खीरा आदि की फसल बोयी जाती है। बालू से भरे इन खेतों में इसी तरह की फसल किसानों के आमदनी का जरिया है और वो इन फसलों के देख रेख और रखवाली के लिए खेतों में ही झोपड़ी बनाकर रहते हैं। इसी दौरान मौसम में बदलाव होने की वजह से तेज आंधी पानी आयी है और इससे बचने के लिए कुछ किसानों ने झोपड़ी में शरण और य​ह झोपड़ी उनके लिए मौत का आशियाना साबित हुआ। इस झोपड़ी पर अचानक ठनका गिर गया।

 

कुछ ग्रामीणों ने यह भी बताया कि दियारा इलाके में सुबह कुछ ग्रामीण परवल की खेती की मापी के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान तेज आंधी व बारिश शुरू हो गई। जिससे बचने के लिए सभी लोग पास की एक झोपड़ी में इकट्ठा हो गए। मौके पर करीब 30 लोग मौजूद थे। तेज बारिश होने लगी और सभी लोग एक झोपड़ी के नीचे खड़े गए। इसी दौरान ठनका गिरा और इसमें 16 लोग झुलस गए। हालांकि चार -पांच लोग सुरक्षित भी बचे हैं। सभी को तुरंत सदर अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने 9 लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायलों को पटना रेफर किये जाने की तैयारी चल रही है।

वही खलपुरा के मुखिया अजय सिंह ने बताया नौ ग्रामीणों की मौत हुई है। दस लोग घायल हुए हैं जिन्हें सदर अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि ठनका की चपेट में आने से सुरेंन सिंह उनके पुत्र अरविंद सिंह, लव बहादुर सिंह रविन्द्र राय सहित नौ लोगो की मौत हो गयी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची और जांच में जुट गयी। घायल अवस्था में ही कई पीड़ितों को छपरा सदर अस्पताल लाया गया। घटना की जानकारी मिलते सिविल सर्जन डॉक्टर माधेश्वर झा व सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर राम इकबाल प्रसाद मौके पर पहुंचे। आकाशीय बिजली की चपेट में आए घायलों का तुरंत इलाज शुरू किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही सदर एसडीपीओ अजय कुमार भी मौके पर पहुंच गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा मिली सूचना के मुताबिक वज्रपात से 9 लोगों की मौत हो गयी है। जबकि इस हादसे में 10 अन्य लोग घायल हो गए हैं। जिसे आनन-फानन इलाज के लिए अस्पताल लाया गया।

घटना की सूचना मिलते ही सांसद राजीव प्रताप रूडी ने तत्परता दिखाते हुए जरूरी व्यवस्था किये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए अपने फेसबुक पोस्ट में कहा है कि ”थोड़ी देर पहले सारण जिला अंर्तगत सदर प्रखंड के खलपुरा गांव में ठनका/वज्रपात की घटना की दुखद सूचना कंट्रोल रूम में प्राप्त हुई। सूचना पर त्वरित प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। मृतक ग्रामिणों के शोकाकुल परिवार को सांत्वना। 1 दर्जन से अधिक घायलों की शीघ्र स्वास्थ्य की कामना करता हूं। ” उल्लेखनीय है कि कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में छपरा के सांसद राजीव प्रताप रूडी  दिल्ली में ही फंसे हुए हैं बावजूद इसके वे कंट्रोल रूम के जरिए क्षेत्र के लोगों से हर घटना पर नजर रख रहे हैं और जरूरत के मुताबिक सुविधा पहुंचाई जा रही है। 

इस बीच सांसद ने यह जानकारी भी दी है कि खलपुरा और शेरपुर पंचायत सारण में ठनका से 9 ग्रामीणों की मृत्यु की घटना पर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन से उनकी बात हुई। जिलाधिकारी महोदय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रत्येक पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से 4 लाख का चेक व्यक्तिगत तौर पर अंचलाधिकारी ने उनके घर जाकर दिया है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही गड़खा के विधायक मुनेश्वर चौधरी ने तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे और घटना को लेकर शोक व्यक्त किया साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
उल्लेखनीय है कि राजधानी पटना समेत बिहार के वैशाली, जहानाबाद, अरवल, जमुई और गया जिलों में रविवार सुबह तेज हवा के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने इस संबंध में शनिवार शाम को ही अलर्ट जारी किया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here