हमारी विरासत

ददिहाल के गांव बड़ौत से ज्यादा…ननिहाल के गांव पुरकाजी से रहा है नाता

निशि सिंह हम सभी की जड़ें गांव से जुड़ी हैं। व्यक्ति उम्र के किसी भी पड़ाव पर पहुंच जाये, सफलता की कितनी भी सीढ़ियां चढ़ लें लेकिन जब यादों का पिटारा खोलता है,  तमाम खिड़की, दरवाजों,झिर्रियों के पार बचपन के वो अनमोल क्षण कुछ चुहल,कुछ बदमाशियां, कुछ सखी-कुछ सहेलियां सामने आ खड़े होते हैं। स्वाभाविक …

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बदल गया है सामुदायिक जीवन

डॉ अनामिका मेरा जन्म चीन से युद्ध के समय हुआ था। उस समय की घटनाएं याद नहीं हैं। एक-दो दृश्य याद हैं। भैया हमको कहते थे कि चाइनीज है। मेरी नाक चपटी थी, इसलिए चिढ़ाते थे। हमको याद है कि नेपाल के बॉर्डर से आती थी एक बूढ़ी औरत, स्मगलिंग की साड़ियां लेकर। कुछ दूसरे …

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राफेल: गौरवान्वित हुआ विंग कमांडर मनीष सिंह का गांव,आसमान की ओर तकते रहे परिजन

आलोक रंजन बलिया: बागी बलिया आज बल्लियों उछल रहा है। अपने लाल के करतब पर गौरवान्वित हो रहा है। मंगल पांडे का बलिया, चित्तु पांडे का बलिया, पूर्व प्रधानमंत्री और समाजवादी नेता चंद्रशेखर का बलिया, जनेश्वर मिश्र का बलिया। हजारी प्रसाद द्विवेदी का बलिया, केदार नाथ सिंह का बलिया। जी हां खुश हो भी क्यों …

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गांधी वास्तविकता में कम, कल्पना में ज्यादा जीते थे

डाॅ मैनेजर पांडेय मेरा गांव लोहटी गोपालगंज जिले के कटिया थाने में हैं। वैसे तो गांव साल में एक-दो बार ही जाना होता है लेकिन गांव से जुड़ाव है। हमारा गांव भी देश के दूसरे गांव की तरह बहुत बदल गया है। विशेष रूप से मानवीय संबंध के मामले में ईष्र्या, द्वेष के कारण लड़ाई, …

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जरूरी है अंदर के गांव को बचा कर रखना

डॉ प्रदीप कांत चौधरी बचपन गांव में नहीं बीता। गांव कभी कभार जाता था, पर उसकी कोई ऐसी याद नहीं है, कोई नोस्टाल्जिया नहीं है। हालांकि गांव से इतना दूर भी नहीं था, कस्बानुमा शहर लहेरियासराय-दरभंगा जहां मेरा बचपन बीता उसमें शहर की कोई ऐसी चमक नहीं थी कि गांव जाने पर कोई खास अंतर …

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यूं बदला चंदवारा..प्रधान प्रकाशिनी जायसवाल ने निभाई प्रेरक की भूमिका

देश में बेहतर काम करने वाली पंचायतों को प्रत्येक वर्ष पंचायती राज दिवस पर राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जाता है। कुछ पंचायतों को पंडित दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार दिए जाते हैं तो कुछ पंचायतों को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा अवार्ड। इसके साथ ही कुछ पंचायतों को बाल मैत्री अवार्ड से भी …

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तेलिहार पंचायत के लोगों से प्रधानमंत्री का संवाद, जिन्होंने शहर संवारा वही संवारेंगे गांव

मंगरूआ नयी दिल्ली: कारोना महामारी देश के विकसित राज्यों से लाखों की संख्या में बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओड़ीसा और पश्चिम बंगाल तमाम परेशानियों के साथ बाल—बच्चों सहित गांव लौटने का दृश्य किसे नहीं भावुक कर गया होगा लेकिन आज मौका था इन गरीबों के जख्मों पर मरहम लगाने का। कुछ इसी तरह के भाव …

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मुखिया इंदु देवी ने बढ़ाया प्रदेश का मान, दो राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होगा कपिलो पंचायत

देश में बेहतर काम करने वाली पंचायतों को प्रत्येक वर्ष पंचायती राज दिवस पर राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जाता है। कुछ पंचायतों को पंडित दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार दिए जाते हैं तो कुछ पंचायतों को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा अवार्ड। इसके साथ ही कुछ पंचायतों को बाल मैत्री अवार्ड से भी …

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मेरे व्यवहारिक जीवन की पाठशाला रहा है गांव

डॉ रश्मि सिंह (आईएएस) मेरा गांव भवानीपुर औरंगाबाद जिले में देव प्रखंड में है। देव कई कारणों से प्रसिध्द है। उसमें ऐतिहासिक सूर्य मंदिर तो एक कारण है ही, मेरे बाबा और पिता का भी इस प्रसिध्दि में काफी योगदान रहा है। मैंने अपने बाबा कामता प्रसाद सिंह ‘काम’ को देखा भले नहीं है, लेकिन …

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देश का पहला गाँव, जिसके हर घर में सोलर इंडक्शन पर पकता है खाना

मंगरूआ मध्यप्रदेश के बैतूल जिले का एक छोटा-सा अनुसूचित जनजाति (शेड्यूल ट्राइब) बाहुल्य गाँव है- बाचा। आजकल यह छोटा-सा गाँव अपने बड़े नवाचारों के कारण चर्चा में बना हुआ है। वर्ष 2016-17 से बाचा ने बदलाव की करवट लेनी शुरू की। आज बाचा न केवल मध्यप्रदेश बल्कि भारत के सभी गाँवों के लिए प्रेरणा स्रोत …

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