खबर राज्यों से

प्रधानाध्यापक के प्रयास से बदल गयी गांव के प्राथमिक विद्यालय की सूरत …

फूलपुर: एक तरफ जहां सरकारी स्कूलों के नाम से ही बच्चे और उनके ​अभिभावक कन्नी काटने लगते हैं लेकिन उसी सरकारी विद्यालय में जब नौकरी पाने की बात हो तो लाखों लाख प्रतियोगी शामिल होते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्या है कि सरकारी स्कूलों की साख गिर रही है लेकिन …

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प्रवासियों का गांव इसरायण कलां

इक्कीसवीं सदी का इसरायण कलां गूगल के पास हमारे गांव इसरायण कलां से जुड़ी कुछ और जानकारियां मिलती हैं । वह इस गांव के कुछ व्यक्तियों के बारे में जानकारी देता है । कुछ जानकारियां मैं आपसे साझा करना चाहता हूं मसलन ,इस गांव के श्री अरविन्द कुमार 2019 में भारत सरकार के आइबी प्रमुख …

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परदेशी मन को देश से जोड़े रखता है मेरा गांव ”चिकनौटा”

मेरे गांव ”चिकनौटा’‘  में उस वक्त शिक्षा नाम मात्र की थी। मेरे अपने टोले में केवल एक परिवार, कपिलदेव भैया का परिवार, मैट्रिक से ज्यादा पढ़ा था, कुछ दुसरे लोग शायद मैट्रिक तक पढ़े थे। कपिलदेव भैया स्वयं कितना पढ़े थे, मालूम नहीं पर वे शायद अंचलाधिकारी थे; लोग उन्हें सी औ (सीओ) साहब कहते …

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शर्मशार हुआ गांधी का चंपारण..लज्जित महसूस कर रहा है बिहार

  चंपारण: अप्रैल 1917 में गांधी के चंपारण सत्याग्रह के 100 वर्ष पूरा होने के अवसर पर चंपारण सहित पूरे बिहार में महात्मा गांधी को याद करने और उनके विचारों के प्रचार प्रसार के लिए कई कार्यक्रम हुए। देश में गांधी जी के 150 वीं जयंती वर्ष के मौके पर कई कार्यक्रम हुए। न सिर्फ …

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ईरादा है शेष जीवन केरल के पलक्कड़ जिले के पैतृक गांव वेलिनेझी में गुजरे

जब मैंने 30 वर्ष पहले पहली बार केरल के पलक्कड़ जिले के  गांव  वेलिनेझी में अपने पैतृक स्थान थिरुनारायणपुरम से दिल्ली में नौकरी करने के लिए कदम रखा तो यह परिघटना भी सामान्य थी और हमारा गांव देश के अन्य गांवों की तरह ही था जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव तो नहीं ही कहा जा …

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बदलते हुए गांव में ढ़ीली पड़ती संबंधों की गांठ

पिता एन सी श्रीवास्तव मध्य प्रदेश कैडर के इंडियन सिविल सर्विस के अधिकारी थे। बचपन लुटियन की दिल्ली में पुराने भाजपा दफ्तर के सामने 6 अशोक रोड में ही गुजरा। स्कूल से लेकर कॉलेज तक सब दिल्ली में। कॉलेज की पढ़ाई भी दिल्ली विश्वविद्यालय कॉलेजों में हुई। 1961 में यशवंत सिन्हा से शादी हुई जो …

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सोन नदी के कछार पर बसा मेरा गांव खंडोल

मेरा सौभाग्य है कि मेरा जन्म एक ऐसे गांव खंडोल में हुआ जहां लगभग महिलाएं भोजपुरी बोलती हैं और लगभग पुरुष मगही। इस नाते पुरुषों द्वारा बोली जाने वाली मगही पर भोजपुरी का और स्त्रियों द्वारा बोली जाने वाली भोजपुरी पर मगही का प्रभाव देखा जा सकता है। कुछ पुराने लोगों का मानना है कि यहां …

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स्कूली बच्चों के लिए लाईब्रेरी संवारते फैसल…

  ये पूछने पर कि आप किस लाइब्रेरी को ज्यादा पसंद करते हैं डिजिटल या फिजिकल फैसल ने हंसते हुए कहा बेशक फिजिकल उसका कोई मुकाबला नहीं इसलिए मैंने हमेशा बच्चों को लाइब्रेरी में आने को प्रेरित किया है, मैं उन बच्चों को भी लाइब्रेरी आने को कहता हूं जो कोई किताब नहीं पढ़ना चाहते, …

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कथा बरास्ते विकास शहरीकरण की भेंट चढ़ते गांव की

अपने गांव को याद करने से पहले तो बनता है अपने आप से एक सवाल। क्या दशकों से किसी महानगर में रहते-रहते हमारा गांव हमारे अंदर कहीं बसता भी है या वह कहीं गुम हो चुका है ? तो जवाब तो यही बनता है कि मन के किसी कोने में वह बसता तो है लेकिन …

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बिहार पंचायत चुनाव..प​हले चरण के मतदान के लिए नामांकन की प्रक्रिया गुरूवार से शुरू

पंचायत खबर टोली पटना: बिहार पंचायत चुनाव में 11 चरणों में संपन्न होने हैं। 24 सितंबर को पहले फेज की वोटिंग होगी, वहीं 12 दिसंबर को आखिरी चरण का मतदान होगा। 24 सितंबर को पहले फेज के होने वाले मतदान के लिए नामांकन की प्रक्रिया गुरूवार यानी कल से शुरू हो जाएगी। 08 सितंबर तक …

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