बहुरेंगे बाजार समिति‌ मोहनिया के दिन, बिहार में बनेगा आधुनिक बाजार समिति

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मनोज कुमार

पटनाः बिहार में सरकार बदलते ही खेती किसानी का माहौल बदलने लगा है। आधुनिक कृषि और बेहतर प्रबंधन के जरिए कृषि प्रधान राज्य बिहार के कायाकल्प की तैयारी हो रही है। यही कारण कि महागठबंधन सरकार आते ही इस दिशा में पहल भी शुरू कर दी गयी है और नई सरकार किसानों के लिए नया मंडी कानून जल्द लाने जा रही है। नया मंडी कानून बनने के बाद बिहार के भीतर देश की आधुनिक बाजार समितियां यानी मंडी खुलेगी।
बाजार समिति को मजबूत करने की दिशा में बढ़ाया कदम
एक बार फिर बिहार में बाजार समिति मंडी कानून की बात बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह के द्वारा उठाई गई है। उठाई ही नहीं गई है बल्कि बाजार समिति खोलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जो देश का आधुनिक बाजार समिति होगा। अनाज का मूल्य स्क्रीन पर अंकित रहेगा। कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार में नया मंडी कानून बनने के बाद किसानों को उचित दाम मिलेगा और इससे किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी। पहले फेज में 270 करोड रुपए से बाजार समिति की आधारभूत सरंचना को दुरुस्त करने पर खर्च किया जाएगा।

पुरानी रीत पर चलेगी नई सरकार
आपको बता दें कि बिहार में साल 2006 तक बाजार समिति का कंसेप्ट था लेकिन साल 2006 के बाद बाजार समिति को भंग कर दिया गया। और किसानों से अनाज खरीदने के केंद्रित व्यवस्था जो पहले एफसीआई थी बाद में एसएफसी बिहार राज्य खाद्य निगम के जरिए किसानों से अनाज की खरीद शुरू हुई। तो बाद में पैक्स समितियों के जरिए अनाज खरीद शुरू हुआ। जिसके चलते बिहार में मंडी कानून खत्म हो गया। इसके साथ ही अनाज खरीदने की प्रतिस्पर्धा भी खत्म हो गई। गौरतलब है कि जितने दिनों तक बिहार में बाजार समिति खुला था उसके भीतर बहुतेरे अनाज के खरीदार थे। जैसे ही किसान ट्रैक्टर से अपना अनाज लेकर जाते थे खरीदार उस अनाज का बोली लगाते थे लिहाजा किसानों को उचित दाम मिलता था।

बाजार समिति कैमूर ,मोहनिया

बहुरेंगे बाजार समिति‌ मोहनिया के दिन
दरअसल कैमूर जिले के बाजार समिति‌ मोहनिया के दिन फिर से लौटने वाले हैं। सरकार इनके विकास के लिए पूरी योजना लेकर आई है। इस मामले में कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने बताया कि मार्केट टेंपरेचर टर्मिनल मतलब (बाजार भाव मंडी) खुलने से किसानों को लाभ तो मिलेगा। इसके अलावा व्यापारी और मजदूर वर्ग भी लाभान्वित होंगे। बाजार समिति की आधारभूत संरचना एक सुपर मल्टी मॉल की तरह होगा। जिसमें नेफेड बिस्कोमान के अलावा निजी लोग भी अपनी दुकान लगा सकते हैं। प्लान के मुताबिक वेयरहाउस, किसान हाउस, कंप्यूटर रूम के अलावा हाई मास्क लाइट सड़क और मजदूरों के ठहराव के लिए सेड भी बनाया जाएगा। बाजार समिति खुलने के बाद अनाज खरीद बिक्री में प्रतिस्पर्धा होगी। इसका सीधा लाभ लोगों को मिलेगा। आधुनिक बाजार समिति में इको सिस्टम प्रणाली को लागू किया जाएगा जो इंटीग्रेटेड होगा। जहां मीट, मछली, फल, सब्जी, दूध अनाज सबका क्रय विक्रय केंद्र रहेगा।
खोले जाएंगे नये कोल्ड स्टोरेज
नयी सरकार बड़े पैमाने पर कोल्ड स्टोरेज भी बनाना चाहती है। कोल्ड स्टोरेज इसलिए ताकि व्यापारी या किसान उस कोल्ड स्टोरेज में अपना कच्चा सामान रख सकें। किसानों के लिए अलग से गेस्ट हाउस भी बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ मत्स्य पालकों को विस्तृत बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा सभी 54 कृषि उत्पादन बाजार समितियों का कायाकल्प कराने की योजना तैयार की गई है। सरकार फिर से बाजार समितियों में अनाज, फल-सब्जी और मछली आदि की बिक्री के लिए अलग-अलग बाजार की व्यवस्था और स्टोरेज की सुविधा मुहैया कराएगी। कृषि मंत्री सुधाकर सिंह बताया की बाजार समिति मोहनिया की आधारभूत संरचना तैयार करने में करीब 65 से ₹66 करोड़ खर्च किया जाएगा

बुनियादी सुविधाओं के विकास पर जोर

राज्य में सभी बाजार समिति के प्रांगणों का सुदृढ़ीकरण होगा। प्रांगणों में चारदीवारी, सड़क, नाला आदि निर्माण के साथ सफाई, सुरक्षा, बिजली, पानी, महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय आदि की व्यवस्था होगी। गोदाम और कोल्ड स्टोरेज बनाने प्रस्ताव तैयार किया गया है।

बाजार समिति के प्रांगण में सड़क, नाला, चारदीवारी, मेन गेट, हाईमास्क लाइट, प्रशासनिक भवन की मरम्मत, गड्ढ़ा भराई, शौचालय निर्माण-पुनर्निर्माण और विद्युतीकरण का कार्य जल्द शुरू होगा।

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