बच्चों की अश्लील फिल्म देखना या डाउनलोड करना अपराध…सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

0
122
वर्षा वर्मा

नई दिल्ली: आज सुप्रीम कोर्ट ने चाईल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है और इस संबंध में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए नया दिशानिर्देश जारी किया है। दरअसल कुछ गैरसरकारी संस्थाओं ने सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत याचिका दायर की थी जिसमें ये कहा गया था कि चाइल्ड पॉर्न देखना अपराध है या नहीं? इस पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी सामने आई है। और सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चाइल्ड पॉर्न से जुड़ी सामग्री का भंडारण मात्र यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध है। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि बच्चों का पॉर्नोग्राफी देखना और डाउनलोड करना पॉक्सो एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत अपराध है।

ये भी पढ़े…

शहद खाने के है महत्वपूर्ण फायदे,अब घर बैठे पता लगायें शहद असली है या नकली

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने संसद को पॉक्सो अधिनियम में संशोधन के लिए एक कानून लाने का सुझाव दिया है। जिसमें बाल रतिचित्रण (सेक्सुअल एक्सपॉलाईटेशन)?सेक्सुअल एक्सपॉलाईटेशन यानी यौन हिंसा शब्द को “Child Sexual Exploitative and Abusive Material” से बदलने के लिए कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि संशोधन लागू होने तक केंद्र सरकार इस आशय का अध्यादेश ला सकती है।

क्या कहा सर्वोच्च अदालत ने
सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में मद्रास हाई कोर्ट का फैसला पलट दिया है। दरअसल मद्रास हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज केस यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि उसने चाईल्ड पोर्नोग्राफी सिर्फ अपने पास रखा। उसे आगे नहीं भेजा। बच्चों के अधिकार के लिए काम करने वाली कई संस्थाओं ने इस आदेश के खिलाफ एससी का पार्श्व लिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी अदालतों को चाईल्ड पोर्नोग्राफी शब्द का इस्तेमाल न करने का निर्देश भी दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि बच्चों के साथ यौन अपराध से जुड़े वीडियो को सिर्फ डाउनलोड करना, देखना या उसे अपने पास इलेक्ट्रॉनिक गैजेट में रखना भी अपराध है। इसे पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 15 (1) के तहत अपराध माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि भले ही किसी व्यक्ति का मकसद ऐसे वीडियो को पब्लिश करना या फिर किसी दूसरे को भेजने का न हो। फिर भी ये पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध माना जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here