
पटना: मानसून का मिजाज गर्म होने लगा है। पूरे फरवरी में और मार्च के शुरू में ही अप्रैल जैसी गर्मी हो गई है। इससे गेहूं किसानों के माथे पर पसीने की बूंदे छलछलाने लगी है। मौसम में गर्मी आने से गेहूं में दाने लगेगें नहीं, या फिर छोटे-छोटे हो जाएगे। किसानों की परेशानी बढ़ाने वाली खबर यह है कि अगले पूरे सप्ताह गर्मी के घटने के आसार नहीं हैं। इस साल मौसम आमतौर पर गेहूं के लिए अच्छा था, पर अभी की गर्मी काफी नुकसानदेह साबित हो सकती है।
बढ़ता तापमान,गेहूं की फसल को होगा नुकसान
गेहूं की फसल के लिहाज से अभी अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे रहना चाहिए जो बढ़कर 30 डिग्री से भी अधिक हो गया है। गेहूं की फसल के लिए आदर्श स्थिति यह है कि तापमान 8 डिग्री से नीचे न्यूनतम तापमान रहे और अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे रहे। अभी अधिकतम औसत तापमान 32 डिग्री है। इस स्थिति में गेहूं के दाने नहीं लगेंगे या फिर छोटे छोटे दानें लगेंगे।

लेट बावग करने वाले किसान होंगे परेशान
अभी जिस किस्म की गेहूं की खेती अधिकतर किसान करते हैं, उनकी बुआई नवंबर-दिसंबर में होती है। जिसे फरवरी का तापमान बढ़ने से परेशानी है। जिन किसानों ने देशी किस्म के बीज बचा रखें हैं और देशी किस्म की गेहूं की खेती करते हैं, उन्हें इस गर्मी से अधिक परेशानी नहीं है। सरकार की अभी जिस मौसम के अनुकूल खेती का प्रचार कर रही है, उसके अंतर्गत गेहूं की बुआई नवंबर के पहले सप्ताह में हुई है, ऐसा करने वाले किसानों के भी अधिक परेशानी नहीं है। परेशानी बाजार से बीज खरीदकर खेती करने वाले उन किसानों को है जिन्होंने दिसंबर में बुआई किए थे।
क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि गेहूं जाड़े की फसल है। पहले गेहूं की देशी किस्में फोटो सेंसिटिव होती थी। अब नई उन्नत किस्में तापमान सेंसिटिव होती है। पुरानी किस्मों पर तापमान का उतना असर नहीं पड़ता, दिन की लंबाई बढ़ने पर उनमें फूल लगते और फिर दानें लगने लगते। पर इसबार तापमान में बहुत उतार-चढ़ाव दिखा है। पहले एक सप्ताह तापमान बढ़े जरूर, पर फिर ठीक हो गया। इसलिए पौध के बढ़ने व फूल लगने में परेशानी नहीं हुई, लेकिन अभी तापमान बढ़ने का असर फसल पर हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक अनिल कुमार ने कहा कि देर से बुआई वाले खेतों की फसल में 25 प्रतिशत तक की कमी हो सकती है। हालांकि जहां फल लग गए हैं, वहां नुकसान थोड़ा कम होगा।
दिनोदिन गर्म हो रहा है मौसम
इसबीच मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि अगले एक पखवाड़े तक अधिकतम तापमान 32 डिग्री से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। इसी तरह न्यूनतम तापमान 14 डिग्री से 16 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केन्द्र के विवेक सिन्हा ने कहा कि राज्य के अधिकतर इलाके में तापमान सामान्य से चार-पांच डिग्री अधिक है। अगामी दिनों में आंधी-तूफान की संभावना है तब तापमान नियंत्रित तो रहेगा, पर न्यूनतम तापमान सामान्य से एक-दो डिग्री उपर रहने की ही संभावना है।
