
पटना: बिहार में पंचायत चुनाव के उम्मीदवार बनने के लिए घर में शौचालय होना अनिवार्य होगा। उम्मीदवारों को नामांकन का पर्चा दाखिल करते समय इसका हलफनामा भी देना होगा कि उनके घर में शौचालय है। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने राज्य निर्वाचन आयोग को जरूरी निर्देश भेजने वाला है। उधर राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव में उम्मीदवार बनने के लिए नामांकन शुल्क तय कर दिया गया है। विभिन्न पदों के लिए कोटिवार नामांकन शुल्क निर्धारित किया गया है। साथ ही उम्मीदवार का प्रस्तावक बनने के लिए भी योग्यता निर्धारित कर दी गई है।

राज्य चुनाव आयोग के अनुसार पंचायत चुनाव में सभी पदों के लिए निर्वाची पदाधिकारी, सहायक निर्वाची पदाधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। नामांकन का समय सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक होगा। लगभग सात सौ मतदानदाताओं पर मतदान केन्द्र बनाए जाएगे। मतदान सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक होगा। मतगणना सुबह आठ बजे आरंभ होगी।
नामांकन शुल्क मुखिया और सरपंच पदों के लिए 1000 रुपए होंगे। दलित, आदिवासी, पिछडे वर्ग व महिला उम्मीदवारों के लिए यह राशि 500 रुपए होगी। जिला परिषद उम्मीदवार के लिए शुल्क दो हजार रुपए होगे। महिला, दलित. आदिवासी व पिछड़े वर्गों के लिए यह राशि 1000 रुपए होंगे। वार्ड सदस्य, ग्राम-कचहरी के पंच व पंचायत समिति के सदस्य के लिए शुल्क 250 रुपए होंगे। दलित, आदिवासी व पिछड़े वर्गों के लिए यह रकम केवल ढाई सौ रुपए होगी।
नामांकन पत्रों की जांच एक या एक से अधिक दिनों में होगी। जांच के बाद नाम वापसी के लिए अधिक से अधिक दो दिन का समय मिलेगा।