
नई दिल्ली: खेतो में रबी फसलों की कटाई शुरु होते ही जायद फसलों की बुआई शुरू हो जाती है। इसके अलावा ज्यादातर किसान रबी और खरीफ सीजन में ही खेती करते हैं। दरअसल सबसे अधिक लाभ देने वाली खेती जायद सीजन में होती है। जायद में सबसे अधिक मौसमी और सब्जियों की खेती की जाती है, जो गर्मी के दिनों में तैयार होती है। और उस समय इसकी खूब मांग रहती है। लेकिन जायद के सीजन में किसानों को अपनी फसलों को कीड़ों से बचाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। क्योंकि इन दिनों फंगस से लेकर फसल पर अलग-अलग तरह के कीटों का आक्रमण होता है। जिससे किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जानते हैं की जादय सीजन में फसलों को कीटों से कैसे बचाएं।
कीट लगने पर अपनाएं ये उपाय
जायद की फसल के अंतर्गत आने वाली सब्जियों के पौधों पर कई तरह के कीट का संक्रमण होता है। कीट सबसे पहले पौधों की मुलायम पत्तियों को अपना निशाना बनाते हैं। चूसक कीट पत्तियों के रस को चूस लेते हैं जिससे पौधे सूखने लगते हैं। वहीं, एक दूसरा कीट जिसे रेड पंपकिन बीटल कीट कहते हैं, वह सबसे ज्यादा हानिकारक होता है। यह कीट पत्ती को काटता हुआ चलता है। ऐसे में फसलों को कीट से बचाने के लिए किसानों को बायोपेस्टिसाइड के रूप में नीम के तेल का छिड़काव करना चाहिए। किसान को 10 से 15 एमएल नीम के तेल को एक लीटर पानी में मिलाकर पौधों पर छिड़काव करना चाहिए। इसके बाद भी अगर कीट नियंत्रण न हो तो मेलाथियान का प्रयोग कर सकते हैं।
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ऐसे करें खेत की मिट्टी को तैयार
एक्सपर्ट की मानें तो जायद की फसलों की खेत तैयार करते हुए किसानों को जमीन पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। खेत को तैयार करते समय ट्राइकोडरमा और नीम के तेल का छिड़काव करना चाहिए। इसके लिए ढाई किलो ट्राइकोडरमा को 70 किलो गोबर की खाद में मिलाकर एक एकड़ जमीन की तैयारी की जानी चाहिए। इसी के साथ जमीन में नीम की खली को भी मिला लें जो दीमक रोधी का काम करती है। किसानों को जमीन तैयार करते समय इसमें कार्बेंडाजोल भी मिला लेना चाहिए। फिर इस मिट्टी में ही पौधों की नर्सरी की बुवाई करनी चाहिए जिससे इन पौधों में लगने वाली कई बीमारियों और कीटों से बचाव हो सके।
करें इन फसलों की खेती
जायद की फसलें खरीफ और रबी की फसलों के बीच में बोई जाती हैं। जायद सीजन में उगाई जाने वाली खीरा, खरबूजा, तरबूज, टमाटर, करेला, उड़द, मूंग, काली मिर्च जैसी फसलों को गर्मी के दिनों में खूब महत्व दिया जाता है। इसी के साथ इनको खाने से शरीर में पानी की कमी को दूर किया जाता है। इसके अलावा गर्मियों में तैयार होने वाले भिंडी, लौकी और परवल की खेती भी जायद सीजन में ही की जाती है। इन दिनों खेती कर किसान गर्मियों में कम समय में अधिक लाभ कमा सकते हैं।

