बर्बाद फसल से नया वेंचर शुरू ​किया, किसान बृजित ने पेश की नई मिसाल

0
210
कांता श्री

तिरूअनंतपुरम: केरल के किसान बृजित कृष्णन ने अनूठी मिसाल पेश की है। उन्‍होंने बर्बादी में खुशहाली का रास्‍ता खोजा है। बृजित ने स्प्राउटेड काजू से व्यंजन बनाने वाला वेंचर ‘ईटरी मालबारीकास’ शुरू किया है। इस कारोबार से वह बेहतरीन कमाई कर रहे हैं।

Success Story: कहा गया है हिम्मते मरदा, मददे खुदा। आप ये भी कह सकते हैं कि परिश्रम करने वालों की कभी हार नहीं होती और इंसान की पहचान तब होती है जब वो चारों तरफ से परेशानी में घिरा हो। ऐसी ही परेशानी में घिरे केरल के किसान बृजित कृष्णन ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गये है। दरअसल बृजित कृष्णन बारिश से बर्बाद हुई काजू की फसल को अंकुरित काजू,और अचार के अन्य उत्पादों में बदलकर मुनाफे वाला वेंचर खड़ा कर दिया है। अब वह ‘ईटरी मालबारीकास’ के मालिक हैं। यह कंपनी अंकुरित काजू से बने व्यंजनों को तैयार करती है।और इन्‍हें केरल, बेंगलुरु और मुंबई की प्रमुख खाद्य कंपनियों और होटलों को सप्‍लाई क‍िया जाता है और वह दूसरे काजू किसानों की भी मदद करते हैं।
नौकरी छूटी, फसल बर्बाद

कुछ साल पहले में केरल में बेमौसम बारिश ने बृजित कृष्णन की काजू की फसल को बर्बाद कर दिया था। उसी समय एक आईटी कंपनी के रूप में काम करने वाले मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमाहोल्‍डर बृजित की नौकरी भी चली गई। काजू की खेती उनके परिवार के लिए आय का पारंपरिक स्रोत थी। इस दोहरी मार ने उन्हें एक स्थिर आय स्रोत के बिना छोड़ दिया। बृजित अपने गृहनगर में स्थायी रूप से बसना चाहते थे। वह नए रास्ते तलाश रहे थे। उन्होंने शाकाहारी उद्योग में बढ़ते रुझान को भांप लिया था। अपने बैकग्राउंड का उपयोग करते हुए और काजू की खेती में वैल्‍यू एडिशन की इच्छा से प्रेरित होकर उन्होंने काजू के लिए अंकुरण तकनीक के अनछुए क्षेत्र में कदम रखा।

ये भी पढ़े…

गेहूं की खेती की इस विधि से करें बुवाई, पैदावार होगी दोगुनी

कैसे किया शुरू वेंचर
कुछ साल पहले बृजित ने आधिकारिक रूप से अपना उद्यम ‘ईटेरी मालबारीकास’ लॉन्च किया। यह अंकुरित काजू के व्यंजन बनाता है। इन्‍हें केरल, बेंगलुरु, मुंबई की प्रमुख खाद्य कंपनियों और होटलों को सप्‍लाई करता है। बृजित अंकुरित काजू, सूप प्रीमिक्स, अचार और अन्य जैसे कई तरह के वैल्‍यू-ऐडेड प्रोडक्‍टों की पेशकश करते हैं। केरल में भारत के काजू उत्पादन में 15 फीसदी हिस्‍सेदारी है। इसमें कन्नूर जिले में राज्य के कुल काजू की खेती का लगभग 63 फीसदी होता है। बृजित भी कन्‍नूर जिले के ही हैं।

सरकारी योजनाओं का लिया लाभ
1 लाख रुपये के शुरुआती निवेश के बाद बृजित ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत केंद्र सरकार से 25 लाख रुपये का ग्रांट हासिल किया। इसका उद्देश्य कृषि-व्यवसाय उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इससे उन्हें काम शुरू करने में मदद मिली। बृजित आज वैल्‍यू ऐडेड प्रोडक्‍टों की बड़ी रेंज की पेशकश करते हैं। इनमें काजू स्प्राउट्स मंचूरियन, काजू स्प्राउट्स बटर मसाला, काजू स्प्राउट्स मलाई, काजू स्प्राउट्स स्केचवान, काजू स्प्राउट्स मालाबार मसाला, काजू स्प्राउट्स थेयल, काजू स्प्राउट्स सूप प्रीमिक्स, काजू स्प्राउट्स नमकीन , अचार, और ताजा काजू स्प्रा

अन्य उद्यमियों का मिला साथ
सेलिब्रिटी शेफ, स्टार होटल और कैटरिंग समूहों के साथ रणनीतिक साझेदारी के जरिये बृजित ने अपने प्रीमियम काजू स्प्राउट उत्पादों को खास मार्केट सेगमेंट में स्थापित किया। बाजार में अनूठी स्थिति ने बृजित को एक स्थिर रेवेन्‍यू हासिल करने में मदद की। 2023 में उन्‍होंने अपने वेंचर से 25 लाख रुपये का कारोबार किया। इसके अलावा, वह स्थानीय किसानों को भी सशक्त बनाने की मुहिम में लगे हैं। कम से कम 11 स्थानीय किसानों से गीले काजू खरीदकर बृजित ने उन्‍हें उच्च गुणवत्ता वाले अंकुरित काजू में बदल एक स्थायी समाधान प्रदान करने में कामयाबी हासिल की है।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here