गुरुग्राम: भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्मार्ट ग्राम कार्यक्रम के तहत आज गुरुग्राम (हरियाणा) स्थित धौला गांव में चालक प्रशिक्षण संस्थान और माध्यमिक विद्यालय की आधारशिला रखी। महेन्द्रगढ़, अंबाला और पलवल में तीन नए कौशल विकास केन्द्रों का उद्घाटन भी किया गया।
इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे गांवों में न सिर्फ विकसित होने की क्षमता है बल्कि ये गांव विकास को लेकर काफी उत्सुक भी हैं। अगर हम इसी तरीके से आगे बढ़ते रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब गांव के नौजवानों को बेहतर अवसर की तलाश में गांवों को छोड़कर शहरों में नहीं आना पड़ेगा। आसपास के गांवों में बेटियों की शिक्षा पूरी करना भी संभव हो सकेगा। सभी के लिए अच्छी और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गांवों के आसपास ही प्रशिक्षण और रोज़गार मिलेगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि उनका मानना है कि हमारा देश तभी विकास करेगा जब हमारे गांवों का विकास होगा। आज भी, हमारे देश की करीब 68 फीसदी आबादी गांवों में रहती है। यदि हम अपने गांवों की समृद्धि चाहते हैं तो हमें अपनी अर्थव्यवस्था के ढांचे में सुधार करना होगा। राष्ट्रपति ने कहा कि 2 जुलाई 2016 को जब स्मार्ट ग्राम कार्यक्रम की शुरुआत हुई, तो मुझे यकीन था कि जिस तरह से राष्ट्रपति भवन एस्टेट को एक स्मार्ट टाउनशिप बनाने के लिए काम किया गया है, वैसा ही कार्य गांवों को स्मार्ट बनाने के लिए भी किया जा सकता है।
हरियाणा सरकार की मदद से, राष्ट्रपति भवन ने पांच गांवों का चयन किया और इन गांवों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। पांच गांवों में इस पहल की सफलता को ध्यान में रखते हुए, इस कार्यक्रम का विस्तार 100 गांवों तक किया जा चुका है। स्मार्टग्राम कार्यक्रम की सफलता तभी संभव है, जब सरकार, निजी क्षेत्र, अकादमिक संस्थान, गैर सरकारी संगठन और गांवों में रहने वाले लोग एक साथ मिलकर गांवों के विकास के लिए कार्य करें।
हरियाणा सरकार के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय योजना एवं शहरी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह, केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रूडी, केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र प्रधान ने सभा को सम्बोधित किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा करते हुए कहा कि अब 1000 गांवों को स्मार्टग्राम बनाया जाएगा। राष्ट्रपति की सचिव ओमिता पॉल स्मार्टग्राम पहल की पृष्ठभूमि के बारे में चर्चा करते हुए पिछले वर्ष हुई इसकी शुरुआत से लेकर अब तक के इसके विस्तार के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की शुरुआत में ही उन्हें उम्मीद थी कि यदि लोग मिलकर काम करेंगे तो स्मार्टग्राम पहल शानदार तरीके से सफल हो सकती है।
इस अवसर पर, विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत छात्रों/प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इसके अलावा, ग्राम पंचायत धौला और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम एवं ऑयल एण्ड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। राष्ट्रपति भवन और केवीआईसी, कोनार्क एनर्जी सोल्युशन एंड आईएफएफसीओ के बीच प्रतिबद्धता पत्रों की आदान-प्रदान भी किया गया।

