- पेयजल टंकी निर्माणाधीन,अपने जीर्णोद्वार की बाट जोह रही हैं पंडित जी का स्मृति स्थल
मऊ : सांसद आदर्श ग्राम योजना को लेकर या तो कागजी खानापूर्ति हो रही है या फिर सियासत। विवादों से ज्यादा करीब सांसद घोसी ने किसी नए विवाद से बचने के लिए वीर रसावतार पंडित श्याम नरायन पांडेय के गांव डुमरांव को पहले आदर्श सांसद गांव में रूप में गोद लिया। नियत अवधी बीत जाने के बाद भी विकास के नाम पर सर्वे और हवाई आश्वासन से अधिक अब तक गांव में कुछ नहीं हो पाया है। आदर्श गांव घोषित होने के बाद गांव में तकदीर बदलने का सपना देखने वाले अब पल को कोस रहे हैं जब सांसद ने इसे गोद लिया था। आज भी हल्दीघाटी, जौहर, शिवा जी, आरती जैसी कालजयी रचनाएं देवे वाला कुंआ अपने जीर्णोद्वार की राह देख रहा है। अपने विकास की जगी आस के बाद स्थिति को देखने के बाद ग्रामीण निराश हो चले हैं।
सांसद भूले,लेकिन पंचायत सक्रिय
ग्राम पंचायत के गठन के बाद प्रधान द्वारा इस दिशा में सक्रिय प्रयास किया गया है। ग्रामीण स्तर पर सुविधाओं के विकास के साथ पंडित की स्मृति में एक विश्राम गृह निर्माण की कार्ययोजना तैयार हो गई है। प्रधान के तत्पर प्रयास से गांव में 2.5 लाख लीटर की बन रही टंकी से निकट भविष्य में पेयजल समस्या के निदान होने की आस बनी हुई है।
अब तक हुए प्रयास व अग्रिम योजनाएं
गोद लेने के वर्ष भर तक सांसद निधि से बनने वाली एकमात्र सड़क भी पूरी नहीं हो पाई। इस दौरान गांव में दो बार भ्रमण करने के साथ मुख्यालय पर आयोजित बैठकों में अधिकारियों को बस फरमान देने से ज्यादा कोई कार्य नहीं हो सका। इस दौरान ग्राम पंचायत का चुनाव हुआ। बीडीसी सदस्यों की संख्या पूर्ण नहीं होने पर नई प्रधान पुनीता सिंह को देर से कार्यकाल मिला। इसके बाद जन सुविधाओं को फोकस करते हुए पंडित जी की स्मृतियों को सहेजने की कोशिश भी की गई। चार नया खड़जा व एक इंटरलाकिंग सड़क निर्माण के साथ नाली सड़क मरम्मत का कार्य कराया गया। पंडित जी की बेवा रमावती देवी के दरवाजे सहित गांव के सभी मुहल्लों में स्ट्रीट व सोलर लाइट लगाई गई है।
पुनीता सिंह बताती हैं कि इस वित्तीय सत्र में रमावती देवी के घर तक इंटरलाकिंग कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। इसके साथ ही पंडित जी की स्मृति में विश्राम स्थल व पुस्तकालय-वाचनालय स्थापित करने परियोजना तैयार हो गई है। अगले वित्तीय वर्ष से पहले इसे पूर्ण कर लिया जाएगा। शासन से सहयोग प्राप्त होने की दशा में पंडित जी स्मृतियों को सहेजना का कार्य भी किया जाएगा। स्थानीय निवासी दीपक सिंह, बृजेश सिंह, फतेह बहादुर सिंह, डब्बू पांडेय, भानू प्रताप पांडेय, मनोज सिंह आदि बताते हैं कि आदर्श गांव घोषित होने के बाद गांव में विकास की आस जगी आस को लेकर सांसद की निष्क्रियता से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। हिंदी साहित्य को अमर कृति देने वाले रचनाकार की स्मृतियों को भी न सहेज पाना दुखद है। प्रधान इस दिशा में सक्रिय प्रयास कर रही हैं।

सांसद ने दिया पंडित जी को धोखा
रमावती देवी डुमरांव को आदर्श गांव के रुप में गोद लेने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बताती हैं कि वीर रसावतार के गांव को गोद लेकर सांसद ने अपनी बड़ी सोच का परिचय देते हुए खूब वाहवाही लूटी, लेकिन वर्ष भर गुजरने के बाद भी किसी तरह का कोई काम नहीं हो सका। इससे ग्रामीणों में निराशा का भाव है। उनके नाम से वाचनालय बनता। जहां उनकी रचनाओं का संग्रह और साहित्यिक पुस्तकें होती तो भी कुछ हुआ मान लिया जाता। सांसद ने सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने के लिए यह किया। उन्होंने पंडित जी को धोखा दिया है। नई प्रधान से इस दिशा में बेहतर किए जाने की अपेक्षा है।
दूर होगी पेयजल की किल्लत
प्रधान की तत्परता के बीच सांसद हरिनरायन राजभर के सहयोग बीच सांसद आदर्श ग्राम पेयजल योजना के तहत पूर्वी टोला में इन दिनों 2.5 लाख लीटर क्षमता की पेयजल टंकी निर्माणाधीन है। लगभग दो करोड़ रुपये वाली इस परियोजना को पूर्ण कर मुहल्लों में पेयजल सप्लाई करने में वर्ष भर का समय अभी लग सकता है। जल निगम द्वारा निर्मित इस टंकी का निर्माण होते ही तीन मुहल्लों में पेयजल की समस्या स्थाई रूप से समाप्त हो जाएगी। निर्माण कार्य की प्रगति संतोषजनक है। इसकी गुणवत्ता पर विभागीय कर्मचारियों की पैनी नजर है। एक वर्ष में लोगों को पेयजल सुविधा मिलना प्रारंभ हो जाएगा।

