खट्टर का फरमान, निजी कंपनियों में हरियाणवी युवाओं को देना होगा 75 फीसदी आरक्षण

आलोक रंजन
चंडीगढ: कोरोना संक्रमण के इस दौर में जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल की बात कहते हुए देश के आत्मनिर्भरता की बात कही। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार के कैबिनेट ने यह निर्णय लिया है कि अब हरियाणा में निजी क्षेत्र की कंपनियों में हरियाणा के युवाओं के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान लागू होगा। उल्लेखनीय है प्रदेश में भाजपा के साथ मिली जुली सरकार चला रहे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व वाले जननायक जनता पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इस बाबत वादा किया था।

क्या है मामला
सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रीमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि 75 प्रतिशत नौकरी यहां की कंपनियों को हरियाणा के युवाओं को देनी होगी। बेरोजगारी की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के मकसद से सरकार द्वारा ‘हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों को रोजगार अध्यादेश, 2020’ लाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लागू होते ही भविष्य में हरियाणा प्रदेश में जो भी नई फैक्ट्रियां अथवा पहले स्थापित कंपनी में नई भर्तियां होंगी उसमें हरियाणा के युवाओं की 75 प्रतिशत नियुक्तियां अनिवार्य होगा।

क्या कहते हैं दुष्यंत
कैबिनेट के इस फैसले को एतिहासिक बताते हुए उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भाजपा एवं जेजेपी की गठबंधन सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में यह मजबूत कदम है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट सेक्टर में युवाओं की नौकरी के लिए जो कानून बनाया जा रहा है उसमें कड़े नियम भी लागू करने का प्रावधान है। अगर कोई कंपनी फैक्ट्री, संस्थान, ट्रस्ट अपने कर्मचारियों की जानकारी छुपाएगा तो उस पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।


श्रम विभाग की वेबसाइट पर कराना होगा सभी कर्मचारियों का पंजीयन
उपमुख्यमंत्री चौटाला ने कहा कि इस आदेश के बाद हरियाणा की निजी कंपनियों में काम करने वाले किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा, लेकिन 50,000 से कम वेतन वाले कर्मचारियों को राज्य के श्रम विभाग की वेबसाइट पर मुफ्त पंजीयन कराना होगा। सभी कर्मचारियों का पंजीयन कराने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी, फर्म अथवा रोजगार प्रदाता की होगी। कर्मचारियों का पंजीयन नहीं कराने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों का पंजीयन नहीं कराने वाली कंपनियों से हरियाणा स्टेट एम्प्लॉयमेंट टू लोकल केंडिडेट्स एक्ट-2020 के सेक्शन-3 के तहत 25,000-1,00,000 तक जुर्माना वसूला जाएगा। इसके बाद भी उल्लंघन करने पर प्रतिदिन 5,000 का जुर्माना लगेगा।

जरूरी होगा हरियाणा का मूल निवास प्रमाण पत्र
उपमुख्यमंत्री चौटाला ने कहा कि निजी क्षेत्र में यह कानून 50,000 से कम वेतन वाली रिक्तियों पर ही लागू होगा। प्रदेश के युवाओं को नौकरी हासिल करने के लिए मूल निवासी प्रमाण पत्र दिखाना होगा। इस कानून को लागू करवाने की जिम्मेदारी श्रम विभाग की होगी। कानून के दायरे में आने वाली प्रत्येक फर्म, फैक्ट्री अथवा आउट सोर्सिंग कंपनी को अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों का विस्तार पूर्वक डाटा सरकार के पोर्टल पर पंजीकृत करवाना अनिवार्य होगा।

इन कंपनियों पर लागू होगा कानून
हरियाणा स्टेट एम्प्लॉयमेंट टू लोकल केंडिडेट्स एक्ट-2020 प्रदेश के सभी 10 से अधिक कर्मचारी वाले निजी उद्योग, फर्म अथवा हर रोजगार प्रदाता पर लागू होगा। यह नियम पहले से कार्यरत कर्मचारियों पर लागू न होकर अध्यादेश के अधिसूचना जारी होने की तारीख के बाद से लागू होगा। प्रदेश में निपुण अथवा योग्य कर्मचारी नहीं मिलने पर कंपनी को श्रम विभाग को इसकी सूचना देनी होगी। इसके बाद विभाग उसे अन्य राज्य के लोगों को नौकरी देने की अनुमति देगा।

इन कंपनियों को सरकार देगी प्रोत्साहन
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मनोहलाल खट्टर ने कहा कि जो भी कंपनी अपने यहां नौकरियों में 95 प्रतिशत प्रदेश के युवाओं को मौका देगी, उन्हें सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। उच्च तकनीकी दक्षता वाले कर्मचारी इस कानून में नहीं आएंगे।
उल्लेखनीय है कि अभी देश के अन्य हिस्सों में निजी क्षेत्र में किसी भी तरह का आरक्षण का प्रावधान नहीं है। यदि हरियाणा इस कानून को अपने यहां सफलता पूर्वक लागू कराता है तो बाकी के राज्य भी भविष्य में इस दिशा में बढ़ सकते हैं। हालाकि कैबिनेट के फैसले के बावजूद जमीनी हकीकत यही है कि कोरोना के बाद प्रवासियों के अपने—अपने राज्यों में वापस चले जाने के कारण प्रदेश के उद्योगपतियों और नियोक्ताओं को श्रमिकों के संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में खट्टर सरकार का यह फैसला निजी कंपनियां कितना मानेंगी या इस तरह के फैसलों से भविष्य में विवाद का रास्ता खुलेगा, यह देखा जाना होगा।

 

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