सिर्फ डीएम से नहीं पंचायत प्रतिनिधियों से सीधा संवाद करें पीएम, तब बचेगा गांव

संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: ​ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी ताकत है सीधा संवाद। चाहे कोई भी मसला हो वो बढ़—चढ़कर सीधा संवाद करते हैं। कोरोना के दूसरे लहर में प्रधानमंत्री कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहे हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री हर बैठक में ये बात जोरशोर से रख रहे हैं कि हमें हर हाल में गांव को बचाना है। लेकिन यहां एक सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री जिले के डीएम से तो संवाद कर रहे हैं लेकिन सीधा संवाद के माहिर प्रधान मंत्री ने जिस तरह से कोरोना के पहली लहर के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद किया था दूसरी लहर में भी यदि सीधा संवाद पंचायत के मुखिया,सरपंच,प्रधान से होता तो ज्यादा उपयोगी होता।


कोरोना के पहली लहर में स्टे्टसमैन बन संभाला मोर्चा
कोरोना के पहली लहर के दौरान जब देश दुनिया में लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर इस वैश्विक महामारी का तोड़ क्या है। न दवा है, न टीका और न ही पूर्व में इस तरह के महामारी का कोई इतिहास। उस दौरान सरकार के कमांडर ने खुद मोर्चा संभाला। देश के नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया। दो गज दूरी, मास्क है जरूरी जैसे नारे दिए, जो कि रातों रात लोगों के न सिर्फ जुबान पर चढ़ गया बल्कि सोशल डिस्टेंसिंग के प्रधानमंत्री द्वारा दिए गये मूल मंत्र पर लोगों ने अम्ल करना शुरू किया। इस दौरान प्रधान मंत्री ने लॉक डाउन की घोषणा की। जान है तो जहान है का नारा देकर लोगों को भरोसा दिलाया ​आपके द्वारा चुनी गई सरकार आपके साथ खड़ी है। इसके बाद लॉक डाउन को चरण बद्ध तरीके से खोलने का प्रबंध किया और कहा हमें जान भी बचाना है और जहान की रक्षा भी करनी है। वे यहीं नहीं रूके साफ तौर पर टीके के निर्माण,परीक्षण,टीकाकरण को हर स्तर पर न सिर्फ मॉनिटर करते दिखे बल्कि समय पर जनता से सीधा संवाद कर टीकाकरण का महत्व समझाते हुए कहा की टीकाकरण में शामिल होना है लेकिन मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के मूल मंत्र को नहीं भूलना है।                                                                                                                                          …..पंचायत प्रतिनिधियों
पहली लहर में कोरोना संक्रमण से अछूते थे गांव
इन सब के बावजूद कोरोना के पहले लहर में भले ही शहर प्रभावित हुए लेकिन गांव कमोबेस अछूते रहे। लेकिन कोरोना के दूसरे लहर में गांव में बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री ने फिर मोर्चा संभाल लिया है। जन के साथ जुड़ाव और कठिन से कठिन परिस्थिती में सीधा संवाद स्थापित करने में माहिर प्रधानमंत्री ने प्रदेश के मुख्यमंत्रियों और डीएम से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारियों को ये संदेश देने का भरसक प्रयास किया है कि गांव बचेंगे तभी देश बचेगा।…..पंचायत प्रतिनिधियों


पीएम का डीएम को संदेश..गांव को बचाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने देश में कोरोना के बढ़ते मामलों से प्रभावित 10 राज्यों में 54 जिलों के डीएम के साथ बैठक की और साफ शब्दों में कहा कि गांवों में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। ​डीएम से बातचीत में एक तरफ प्रधानमंत्री ने जिलाधिकारियों को उनकी जवाबदेही याद दिलाई वहीं दूसरी तरफ कहा कि महामारी जैसी आपदा के सामने सबसे ज्यादा अहमियत हमारी संवेदनशीलता और हमारे हौसले की ही होती है। पीएम मोदी ने जिला अधिकारियों से कहा कि इसी भावना से आपको जन जन तक पहुंचकर, जैसे काम आप कर रहे हैं उसे और अधिक ताकत और अधिक पैमाने पर करते ही रहना है। हमें गावों में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।…..पंचायत प्रतिनिधियों
गांव में प्रशासन की मौजूदगी से बढ़ेगा हौसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रशासन की मौजूदगी से ग्रामीणों का मन बदलता है। लोगों के अंदर साहस आ जाता है। यही वजह है कि कोरोना संकट के दौरान जिला अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। प्रधानमंत्री ने डीएम को संदेश दिया कि कोरोना के दौरान गांव में सही तरीके से लोगों को जागरुक करें। हमें गांव के लोगों को जागरुक बनाना हैं और उन्हें कोरोना से बचाना हैं। उन्होंने यह भी कहा कि न सिर्फ गांव को कोरोना से मुक्त रखना है और लंबे समय तक जागरूकता का प्रयास जारी रखना है।….पंचायत प्रतिनिधियों

फील्ड में उपस्थिती से मिलेगी अभूतपूर्व स्थिती से निपटने में मदद
आज परिस्थितियों ने आपको अपनी क्षमताओं की नई तरह से परीक्षा लेने का अवसर दिया है। अपने जिले की छोटी से छोटी दिक्कत को दूर करने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए आपकी यही भावना आज इस संकट में भी काम आ रही है। जब फील्ड पर मौजूद लोगों से बातचीत होती है, तो ऐसी अभूतपूर्व परिस्थितियों से निपटने में बहुत अधिक मदद मिलती है। बीते कुछ दिनों में हमें ऐसे अनेक सुझाव मिले हैं।                                                                           …….पंचायत प्रतिनिधियों
जीवन को आसान बनाना जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने जिला अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि जीवन बचाने के साथ-साथ हमारी प्राथमिकता जीवन को आसान बनाए रखने की भी है। गरीबों के लिए मुफ्त राशन की सुविधा हो, दूसरी आवश्यक सप्लाई हो, कालाबाजारी पर रोक हो, यह सब इस लड़ाई को जीतने के लिए भी जरूरी हैं, और आगे बढऩे के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अब जिलों के साथ ही बाजारों व गांव में केस कम होने के बाद भी सभी दिशा-निर्देश का पालन कराना हमारा काम है। जिले के सभी विभागों जैसे पुलिस व नगर निगम के साथ जिला प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल तथा फील्ड में आपके काम तथा फीडबैक से ही सरकार को रणनीति बनाने में मदद मिलती है तथा व्यव​हारिक होती है।                                                                                                                                 ….पंचायत प्रतिनिधियों
बहुरूपिये कोरोना से लड़ाई को रहें तैयार
प्रधानमंत्री मोदी ने ​जिलाधिकारियों को कहा कि आप लोग जिलों के प्रमुख योद्धा हैं। आप लोगों ने मौजूद संसाधनों का बेहतर से बेहतर लाभ उठाया। उन्होंंने कहा कि कोरोना संक्रमण की सेकेंड स्ट्रेन बड़ी परीक्षा लेने वाली थी। लगातार रूप बदलने वाला कोरोना वायरस बहुरूपिया और बेहद धूर्त है। इससे निपटने के लिए हमको भी बेहद डायनेमिक तथा इनोवेटिव होना पड़ रहा है। इसी कारण हम इस पर भी अंकुश लगाने में सफल हो रहे हैं।                                                                                 ….पंचायत प्रतिनिधियों
वैक्सीन की न हो वेस्टेज
पिछली महामारियां हों या फिर ये समय, हर महामारी ने हमें एक बात सिखाई है। महामारी से डील करने के हमारे तौर-तरीकों में निरंतर बदलाव, निरंतर इनोवेशन बहुत जरूरी है। एक विषय वैक्सीन वेस्टेज का भी है। एक भी वैक्सीन की वेस्टेज का मतलब है, किसी एक जीवन को जरूरी सुरक्षा कवच नहीं दे पाना। इसलिए वैक्सीन वेस्टेज रोकना जरूरी है।    ……….पंचायत प्रतिनिधियों

 


बरेली के डीएम नीतीश कुमार ने की पीएम से बात
उत्तर प्रदेश के बरेली के डीएम नीतीश कुमार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छह मिनट तक बात हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूछा कि गांवों में संक्रमण रोकने के क्या इंतज़ाम हुए। डीएम ने बताया कि जिले में मेरा गांव, मेरा अभियान नाम से घर-घर जाकर जांच कराई गई। आशा कार्यकर्ता को प्रशिक्षित कर इसमें लगाया गया। पीएम ने डीएम से गांवों की हालत के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि निगरानी समितियों की सक्रियता की वजह से जिले के 68 फीसदी ग्राम पंचायतों  में कोरोना का एक भी केस नहीं मिला। जिन गांवों में केस मिले वहां कैंप लगाकर संदिग्ध संक्रमितों की एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच कराई गईं। लोगों को मेडिसिन किट भी दी गई। जो गंभीर मरीज थे उन्हें फौरन इलाज मिला। अप्रैल में संक्रमण दर 22 फीसद थी, जोकि नियंत्रित होकर अब 2.5 है। तीसरी लहर से निपटने के सवाल पर उन्होंने बताया कि तीनों मेडिकल कालेजों में बच्चों के लिये 90-90 आक्सीजन और 30-30 आइसीयू बेड आरक्षित किये जा रहे हैं। जिला अस्पताल में 30 आइसीयू बेड तय किये गए हैं। जिले के 70 बाल विशेषज्ञों को भी तैयारी में शामिल किया गया है। इनके 40 निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित किये जायेंगे।

बरेली के डीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर निजी अस्पतालों को भी संदिग्ध मरीजों के इलाज की  मंजूरी दी गई। इससे दूसरे जिलों की तुलना में बरेली में मृत्यु दर कम रही। डीएम ने ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में प्रधानमंत्री को बताया कि शहर में दो निजी अस्पताल और दो मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन प्लांट लगा है। इफको आंवला और कोविड अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। सीएचसी-पीएचसी पर महिलाओं और बच्चों के लिए कोविड वार्ड बन रहे हैं। वैक्सीनेशन का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। सभी सीएचसी पर भी सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम लगाए जा रहे हैं।

नोएडा के जिलाधिकारी सुहास एल वाई

नियमों का पालन करें लोग 
नोएडा के जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने बताया कि पीएम मोदी ने कोविड-19 की रोकथाम के लिए नियमों का पालन सख्ती से कराए जाने की बात कही। साथ ही ये भी कहा कि लोग मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें जिससे महामारी को फैलने से रोका जा सके।  पीएम मोदी ने वर्चुअल संवाद के दौरान कहा कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन हर संभव प्रयास करे साथ ही तीसरी लहर को लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दें। जिससे जिस तरह से दूसरी वेव में स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हुई हैं वैसी स्थित तीसरी वेव में देखने को ना मिले।

तीसरी लहर को लेकर रहना होगा तैयार 
जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने कहा कि प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि तीसरी वेव को लेकर हमें तैयारी अभी से ही शुरू करनी होगी। बच्चों के लिए विशेष तौर पर हॉस्पिटल की तैयारी की जाए, साथ ही आइसोलेशन वार्ड, ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर पर काम किया जाए। पीएम मोदी ने वर्चुअल संवाद के दौरान कहा कि तैयारी के साथ ही महामारी से चल रही लड़ाई में कामयाबी मिल सकती है।

नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संवाद के दौरान गुरुवार को लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश, वाराणसी के डीएम कौशल राज शर्मा, मेरठ के डीएम के. बालाजी, बरेली के डीएम नीतीश कुमार, गाजियाबाद के डीएम डॉ. अजय शंकर पाण्डेय, गौतमबुद्धनगर के डीएम सुहास एवाई व मुरादाबाद के जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह मौजूद थे। …पंचायत प्रतिनिधियों

देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव

देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव
देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव देश के 10 राज्यों के 46 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री (पीएम) नरेंद्र मोदी से ऑनलाइन बातचीत की। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय बोली-भाषा के अनुरूप संक्रमण की रोकथाम की जानकारी प्रसारित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग में जिलाधिकारी ही फील्ड कमांडर हैं और उन्हें हर एक जिंदगी बचाने के लिए सभी प्रयास करने हैं। जिले कोरोना से जंग जीतेंगे तो देश भी जीतेगा। इसी मूलमंत्र के साथ प्रधानमंत्री ने आगे बढ़कर काम करने की सीख दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी को समाप्त करने के लिए अगर वह जिले में कुछ ऐसा कर सकते हैं, जिससे सुधार आएगा तो इसके लिए उनकी तरफ से पूरी छूट है।                       ………………………………पंचायत प्रतिनिधियों

बंगाल के 9 जिलों के डीएम शामिल
बैठक में पश्चिम बंगाल के साथ ही उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा, केरल और हरियाणा के जिलाधिकारी भी मौजूद हैं। इस मीटिंग में पश्चिम बंगाल में 9 जिलों के डीएम शामिल हुए हैं। इनमें उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिम बर्दवान, नादिया, बीरभूम और कोलकाता शामिल हैं। इससे पहले 18 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 राज्यों में 46 जिलाधिकारियों से बात की थी। इस मीटिंग में संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। इससे पहले बुधवार को पीएम मोदी ने नौ राज्यों के 46 डीएम के साथ बैठक की थी। …पंचायत प्रतिनिधियों

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