पपीते की खेती बनी मुनाफे का सौदा, होगी लाखों की कमाई

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papaya cultivation: किसान कई प्रकार की फसलों की खेती करके अपनी आय बढ़ा रहे हैं। गेहूं, धान, चना, सरसों के अलावा सब्जियों की खेती करके किसान अपनी आय में बढ़ोतरी कर रहे हैं। इसी के साथ कई किसान फलों की खेती करके काफी अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। गर्मी के मौसम में फलों की बाजार में मांग काफी अच्छी रहती है। इसमें पपीता एक ऐसा फल है जो साल के बारह महीने बाजार में मिलता है। इतना ही नहीं पपीते के भाव भी काफी अच्छे मिल जाते हैं। आमतौर पर पपीते का बाजार में भाव 30 से 40 रुपए किलोग्राम होता है। यदि मांग अच्छी हो तो इससे भी अधिक भाव मिल जाते हैं। ऐसे में यदि किसान पपीते की खेती करते हैं तो उन्हें इससे काफी बेहतर मुनाफा मिल सकता है।

पपीते की खेती के लिए मिटटी और जलवायु
पपीते की खेती के लिए तापमान अच्छा होना चाहिए ।पाला इसकी फसल के लिए ठीक नहीं होता है। ऐसे में पाले से इसकी फसल को बचाना जरूरी होता है। वहीं पपीते के बीजों में अंकुरण के लिए 35 डिग्री सेल्सियस तापमान अच्छा होता है। सर्दी में रात्रि का तापमान कम होने पर इसके पौधे की बढ़ोतरी और फल उत्पादन पर उल्टा असर पड़ता है। पपीते की खेती के लिए अच्छे जल निकास वाली हल्की दोमट मिट्टी उपयुक्त होनी चाहिए ।

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बुवाई का उचित समय
पपीते की खेती पूरे साल की जा सकती है। इसकी कई ऐसी किस्म होती है जिनकी बुवाई जून-जुलाई से लेकर अक्टूबर-नवंबर तक की जा सकती है। इसके अलावा इसे फरवरी-मार्च में बोया जा सकता है।

पपीते की किस्में
पपीते की उन्नत किस्मों में बडवानी लाल, पीला, वाशिंगटन, मधुबिंदु, वहीं किस्मों में पूसा नन्हा, पूसा डेलिशियस, मैजेस्टी, सूर्या आदि है। इसके अलावा यदि आप पपीते की खेती कर रहे हैं

पपीते की खेती करने का तरीका
पपीते की खेती करने से पहले पपीते के पौधें तैयार किए जाते है ताकि जब पौधा बुवाई के लायक हो जाए तो इसे खेत में लगाया जा सके। पपीते के पौधें जब तैयार करने के लिए आपको अपने अनुसार बीज की मात्रा लेनी होगी। पपीते के पौधें को क्यारियों और पॉलीथीन की थैलियों में तैयार किया जा सकता है। यदि आप क्यारियों में पपीते के पौधें तैयार करना चाहते हैं जिसमें चारों तरफ एवं नीचे छेद किए गए हो। अब इस थैली में रेत, गोबर की खाद और मिट्‌टी को लेकर मिश्रण तैयार करके इसे भरना होगा। इसके बाद प्रत्येक थैली में एक से दो बीज बोएं। जब पौध रोपण के लिए तैयार हो जाए तो इसकी मूल खेत में बुवाई करें।

पपीते के पौधे का रोपण
खेत में पपीते के पौधों का रोपण करने से पहले खेत की मिट्‌टी पलटने वाले हल से जुताई करें। और खेत को समतल कर लें। अब इस तैयार खेत में एक बराबर आकार के गड्‌ढे 2X2 मीटर की दूरी पर तैयार करें। अब इसमें पहले से तैयार किए गए पौधे का रोपण करें।

खाली जगह पर बो सकते हैं ये फसलें
पपीते के पौधों के बीच में काफी खाली जगह होती है। आप इस खाली जगह पर मेथी, पालक, मटर, चना,व सोयाबीन जैसी फसलों की खेती अंतवर्ती फसल के रूप में कर सकते हैं। इससे आप अतिरिक्त मुनाफा कमा सकते हैं। वहीं पीपते की खेती के लिए बिहार सरकार किसान भाईयों को दे रहे है सब्सिडी

 

 

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