मंगरूआ
नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना काल में गाड़ी को पटरी पर लाने और देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के लिए जो 20 लाख करोड़ का पैकेज दिया गया उस विषय पर दूसरे दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि आज की प्रेस वार्ता प्रवासी श्रमिकों, रेहड़ी पटड़ी पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों, छोटे व्यापारियों, छोटे किसानों और स्वरोजगार के जरिए जीविको पार्जन करने वालों पर केंद्रित हैं। यानी आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आज स्ट्रीट वेंडर्स, प्रवासी मजूदरों, छोटे किसानों के लिए घोषणाएं की गईं।
वित्त मंत्री ने दूसरे दिन अपने घोषणा में कहा कि किसानों के लिए 30,000 करोड़ अतिरिक्त इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल फंड नाबार्ड को दिए जाएंगे। यह नाबार्ड को मिले 90 हजार करोड़ के पहले फंड के अतिरिक्त होगा और तत्काल जारी किया जाएगा। इसके साथ मध्य आय वर्ग जिनकी सालाना कमाई 6 से 18 लाख है, उन्हें मिलने वाली हाउसिंग लोन पर क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम की डेडलाइन मार्च 2021 तक बढ़ा दी गई है। इसकी शुरुआत मई 2017 में हुई थी। सरकार के फैसले से 2.5 लाख परिवारों को मिलेगी राहत। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 50 लाख रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के लिए 10 हजार रुपये का विशेष लोन दिया जाएगा, इसके लिए सरकार 5 हजार करोड़ खर्च करेगी। इतना ही नहीं सरकार ने मुद्रा स्कीम के तहत 50000 रुपये या उससे कम के मुद्रा (शिशु) लोन चुकाने पर तीन महीने की छूट मिली है। इसके बाद 2 फीसदी सबवेंशन स्कीम यानी ब्याज में छूट का फायदा अगले 12 महीने तक दिया जाएगा। करीब 3 करोड़ लोगों को कुल 1500 करोड़ का फायदा।
20 लाख करोड़ के पैकेज में से गांव,प्रवासी मजदूरी और किसान की हिस्सेदारी बताती वित्त मंत्री…
वित्तमंत्री की घोषणाओं को यदि बिन्दुवार देखें तो जो बातें समझ आती हैं वो ये हैं—
प्रवासी मजदूरों के लिए वित्त मंत्री ने कहा…
13 मई तक मनरेगा में 14.62 करोड़ कार्य दिवस सृजित किए गए
10,000 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं
1.87 हजार ग्राम पंचायतों में काम हुआ
ये पिछले साल मई के मुकाबले से 30-40% ज्यादा है
राज्यों को प्रवासी मजदूरों को काम देने की सलाह दी जा रही है
182 से मजदूरी 202 रूपए किए गए
खेती-किसानी को लेकर वित्त मंत्री की घोषणा::
मार्च-अप्रैल में 63 लाख लोन मंजूर किए गए
किसानों के लिए एक मार्च से 13 अप्रैल 86,600 करोड़ के लोन अप्रूव हुए
नाबार्ड ने कोऑपरेटिव और ग्रामीण बैंक को 29,500 करोड़ दिए
4,200 करोड़ ग्रामीण इंफ्रा के लिए राज्यों को दिया गया
राज्यों को भी कृषि उत्पाद खरीदने के लिए 6,700 करोड़ दिए गए
प्रवासी मजदूरों के लिए नयी घोषणा:—
—अगले दो महीनों के लिए प्रवासी मजदूरों को मुफ्त राशन
—8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को फायदा होगा
—3,500 करोड़ का पूरा खर्च केंद्र उठाएगा
—वन नेशन-वन राशन कार्ड-मार्च 2021 तक पूरे देश में लागू हो जाएगा
—67 करोड़ लोगों अभी फायदा मिल रहा है
—पीएम आवास योजना के तहत प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए प्रावधान
—उद्योगों को इन्सेटिव देंगे जो मजदूरों के लिए अपनी जमीन पर रेंटल मकान बनाएंगे
—राज्य सरकार भी इन्सेटिव देगी
—इनका किराया कम होगा
—बड़े शहरों में सरकार भी रेंटल मकान बनाएंगी
—ये पीपीपी मॉडल किया जाएगा
—एक महीने के अंदर स्कीम आएगी
—अंदाजन 50 लाख रेहड़ी पटरी वाले हैं देश में
— 10,000 रूपए तक का लोन मिलेगा

किसानों को मिलेगा ये राहत:—
—30,000 करोड़ अतिरिक्त वर्किंग कैपिटल फंड
—ये नाबार्ड के जरिए दिया जाएगा
—ये सालाना औसत 90,000 करोड़ के अतिरिक्त होगा
—ये सहकारिता और ग्रामीण बैंकों के जरिए दिया जाएगा
—3 करोड़ किसानों को फायदा होगा
-छोटे किसानों को रियायती दर पर चार लाख करोड़ लोन.
-किसानों के कर्ज पर ब्याज पर छूट 31 मई तक है.
-25 लाख किसान क्रेडिट कार्ड बांटे गए.
-नाबार्ड, ग्रामीण बैंकों के जरिए 29500 करोड़ की मदद की गई.
-मार्च-अप्रैल महीने में 63 लाख लोगों को कर्ज की मंजूरी
-मार्च-अप्रैल में कृषि क्षेत्र को 86 हजार 600 करोड़ का कर्ज
प्रवासी मजदूरों/शहरी गरीब के लिए पिछले दो महीनों में क्या किया
—प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों को कई तरह की मदद दे रहे हैं
—आपदा राहत फंड के तहत 11000 करोड़ उपलब्ध कराए गए
—पिछले दो महीने में लॉकडाउन के दौरान 40 लाख शहरी बेघरों को शेल्टर होम्स में तीन वक्त का खाना दिया गया
-12000 – स्वयं सहायता समूहों ने 3 करोड़ मास्क और सैनेटाइजर का उत्पादन किया
—गुजरात से शुरू हुआ पैसा पोर्टल बाकी देश में शुरू हो रहा है
—करीब 7200 नए स्वयं सहायता समूह बने हैं ताकि गरीबों की मदद हो सके


