नयी दिल्ली: खुले में शौच मुक्त राज्यों की संख्या बढ़ रही है। देश में पांच ऐसे राज्य हो गये है जो खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं। हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और केरल पहले ही यह मुकाम हासिल करने के बाद अब हरियाणा और उत्तराखंड भी अब खुले में शौच से मुक्त राज्य बन गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन की उपलब्धि के लिहाज से देखें तिो यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। हरियाणा और उत्तराखंड की उपलब्धि से केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान स्वच्छता मिशन को गति मिली हैं। मिशन खुले में शौच से पूरी तरह मुक्ति का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। महत्वपूर्ण बातयह है कि मात्र ढ़ाई साल के अंदर ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता का दायरा 42 फीसद से बढ़कर 64 फीसद से 64 फीसद से अधिक हो गया है।
क्या कहते हैं मुख्यमंत्री
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आज स्वच्छता मिशन जनांदोलन बन चुका है। इस मील के पत्थर तक पहुंचने में ग्राम प्रधानों की प्रमुख भूमिका रही है। उत्तराखंड के 13 जिले, 95 ब्लॉक, 7256 ग्राम पंचायतें और 15751 गांव खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं। राजधानी देहरादून में गुरुवार को ओएनजीसी सभागार में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड के ओडीएफ राज्य बनने के उपलक्ष्य में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आशा जताई कि उत्तराखंड मिशन के दूसरे चरण में ठोस एवं तरल अवशिष्ट प्रबंधन में अग्रणी राज्य बनेगा।
हरियाणा की उपलब्धी
इसी प्रकार हरियाणा के सभी 21 जिले खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं। इनमें 124 ब्लॉक, 6083 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के स्वर्ण जयंती वर्ष में ओडीएफ के लिए पहली नवंबर तक का लक्ष्य दिया था जिसे पंचायत एवं विकास विभाग ने 30 जून तक निर्धारित किया। एक सप्ताह पूर्व ही यह लक्ष्य पूरा कर लिया गया। वर्ष 2012 के सर्वे के अनुसार गांवों में 30 लाख 24 हजार 600 घरों में से सात लाख 51 हजार 180 में शौचालय नहीं थे। अब इन सभी घरों में शौचालय बन गए हैं। अब गांवों को ओडीएफ प्लस अर्थात ठोस, तरल कचरे का निपटान घरों में ही करने की तैयारी है।

