पातेपुर प्रखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में मनाया गया पोषण अभियान

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पंचायत खबर टोली

वैशाली, पातेपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वाण पर देश भर में पोषण मास का आयोजन किया जा रहा है। चाहे जिले का मुख्यालय हो या फिर प्रखंड या फिर सबसे नीचली सरकार यानी पंचायत हर जगह पोषण मास का आयोजन किया जा रहा है। यहां तक की गांव का आंगनवाड़ियों में उत्सव सा माहौल है। सब मिशन मोड में लगे हुए हैं। बाल विकास कल्याण पदाधिकारी से लेकर ग्राम प्रधान तक और ग्राम प्रधान से लेकर आंगनवाड़ी सेविका सहायिका दीदी सब अपने काम में लगे हुए हैं और उनके जिम्मे काम है लोगों को पोषण का महत्व समझाना और पोषाहार की आपूर्ती सुनिश्चित करना और इसके फायदे बताना।

जाहिर है कुपोषण को खत्म करने के लिए कई स्तर पर पोषण अभियान चल रहा है। मिशन मोड में सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 अभियान से कुपोषण पर वार किया जा रहा है। इसी क्रम मे पातेपुर प्रखंड क्षेत्र के नीलूरूककुंडपुर पंचायत में बाल विकास परियोजना द्वारा पोषण दिवस मेले का आयोजन किया गया। पोषण दिवस के मौके पर पातेपुर सीडीपीओ वसु श्री, पर्यवेक्षिका सुजाता कुमारी, मधु कुमारी, सपना भारती समेत प्रखंड के लगभग आधा दर्जन पंचायत के सभी आंगनवाड़ी केंद्र की सेविका एवं सहायिका मौजूद रही। कार्यक्रम में सेविका द्वारा गांव में पोषण की महत्ता को लेकर प्रभात फेरी भी निकाली गई ।


कुपोषण के विरुद्ध अभियान को लेकर आंगनवाडी सेविकाओं द्वारा पोषण दिवस मनाया गया। इस मौके पर पातेपुर सीडीपीओ वसु श्री ने मौजूद सेविका एवं सहायिका के साथ ग्रामीण महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर गर्भवती महिलाओं को किशोरियों एवं बच्चों के संपूर्ण पोषण के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है।

 


खानपान में हो पोषक तत्व-
खानपान में पोषक तत्वों से भरपूर मौसमी फलों को सब्जियों को मांस, मछली, दूध, अंडा आदि के सेवन को लेकर जानकारी दी गई। पोषण दिवस के अवसर पर सेविकाओं द्वारा पोषक तत्वों से भरपूर फल सब्जियों के द्वारा तरह- तरह की रंगोलियां भी बनाई गई थी। इसके बाद दर्जनों की संख्या में सेविका एवं सहायिका द्वारा गांव में प्रभात फेरी कर लोगों को पोषण से संबंधित नारों के माध्यम से जागरूक किया गया।

बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना चाहिए। जिसमें आयरन कैल्शियम, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट एवं मल्टीविटामिन प्रचुर मात्रा में हो। जिसमें आयरन और कैल्शियम की गोली अवश्य लें साथ ही दिन में 2 घंटे आराम करने की भी सलाह दी।कुपोषण को दूर करने का सारे उपाय हमारे पास मौजूद ख़ाद्य पदार्थो में आसानी से उपलब्ध होने वाले बस्तुओं में शामिल है। बस उसमें जागरूकता लाने की जरूरत है।


पोषण के पांच सूत्र
– पोष्टिक आहार,
– स्वच्छता और साफ सफाई,
– डायरिया का प्रबंधन,
– एनीमिया की रोकथाम
,- कुशल एवं आदर्श दाम्पत्य जीवन,

– जच्चा बच्चा का टीकाकरन,
जाहिर है इन सभी विंदूओं पर लोगों को जागरूक कर ही पोषण अभियान को सफल बनाया जा सकता है और यह लक्ष्य पूरा हो इस दिशा में हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कुपोषण से लड़ने के लिए मार्च 2018 में पोषण अभियान की शुरुआत की।  महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पोषण त्योहार से व्यवहार परिवर्तन के लिए पोषण के पांच सूत्र दिए गए हैं। जिसमें पहले सुनहरे 1000 दिन, पौष्टिक आहार, अनीमिया प्रबंधन, डायरिया रोकथाम एवं स्वच्छता को शामिल किया गया है। अभियान के तहत वर्ष 2022 तक 6 साल की आयु के बच्चों में कुपोषण का स्तर 38.4 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया।

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