
नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा किसानों को बड़ी सौगात दी है। केंद्र सरकार ने खरीफ मौसम में फॉस्फेट और पोटाश आधारित उर्वरकों पर 37,216.15 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने की मंजूरी दी है। इस फैसले ने न केवल खाद के दाम घटेंगे बल्कि, उर्वरकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। साथ ही सरकार के इस कदम से उर्वरकों की कीमतों में न केवल कमी आएगी बल्कि सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध कराने की दिशा में फायदेमंद साबित होगी। हालांकि खरीफ सत्र के लिए 37,216.15 करोड़ रुपये बजट की जरूरत होगी।
खाद के लिए करोड़ों की सब्सिडी
2025 के खरीफ सीजन के लिए बजटीय जरूरत लगभग 37,216.15 करोड़ रुपये होगी। यह 2024-25 के रबी सीजन के लिए बजटीय आवश्यकता से लगभग 13,000 करोड़ रुपये अधिक है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, उर्वरकों और इनपुट्स, यानी यूरिया, डीएपी, एमओपी और सल्फर की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हाल के रुझानों को देखते हुए, सरकार ने एनपीकेएस ग्रेड सहित फॉस्फेटिक और पोटासिक (पीएंडके) उर्वरकों पर 01.04.25 से 30.09.25 तक प्रभावी खरीफ 2025 के लिए एनबीएस दरों को मंजूरी देने का फैसला किया है। उर्वरक कंपनियों को अधिसूचित दरों पर सब्सिडी दी जाएगी ताकि किसानों को सस्ती कीमतों पर उर्वरक उपलब्ध कराए जा सकें।
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किसानों को मिली राहत
इस फैसले कि जानकारी देते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने बिहार की कोसी मेची अंतर-राज्यीय लिंक परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना- त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (पीएमकेएसवाई-एआईबीपी) के अंतर्गत शामिल करने को मंजूरी दी। इस नदी जोड़ो परियोजना से सिंचाई और आर्थिक लाभ बहुत अधिक होंगे, जिसमें महत्वपूर्ण आपदा प्रबंधन उपाय भी शामिल होंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 6,282.32 करोड़ रुपये है। इसके अलावा इन उर्वरकों की कीमतें सस्ती दरों पर खाद निर्माता कंपनियों और आयातकों द्वारा तय की जाती हैं। साथ ही खरीफ 2025 में 180 लाख मीट्रिक टन पीएंडके उर्वरकों की जरूरत होगी जिसके लिए सरकार ने 37,216 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी है।

