
पटना: वर्ष 2025 अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में बिहार की राजधानी पटना के बापू सभागार में 30 मार्च को राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि बिहार सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा इस सम्मेलन में सहकारी समितियों की भूमिका और उनकी प्रगति पर चर्चा की जाएगी। इस आयोजन का उद्देश्य बिहार में सहकारी समितियों को सशक्त बनाना और किसानों को सहकारी समितियों से जोड़कर उन्हें अधिक लाभ दिलाना है।
सम्मेलन में प्रतिभागियों की रहेगी भागीदारी
पटना के बापू सभागार में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में राज्य के पैक्स अध्यक्ष, मत्स्यजीवी सहकारी समितियों और अन्य सहकारी समितियों के 5350 प्रतिभागी भाग लेंगे। इसके साथ ही दूध उत्पादक सहकारी समितियों से 1000 प्रतिभागी, प्रखंड स्तरीय सब्जी उत्पादक सहयोग समितियां से 300 प्रतिभागी और हथकरघा बुनकर समितियां के 300 प्रतिनिधियों की भागीदारी रहने वाली है।
गृह मंत्री करेंगे कई योजनाओं का शुभारंभ
गृह और सहकारिता मंत्री 30 मार्च को अपने दौरे के दौरान, सहकार अभियान के तहत राज्य सहकारी बैंक/जिला सहकारी बैंकों द्वारा बैंक मित्र के रूप में 100 सहकारी समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित करेंगे। इस अभियान में बैंक मित्र के रूप में खासकर प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, समेकित सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति में मखाना प्रोसेसिंग सेंटर का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री के द्वारा किया जाएगा। राज्य के अंतर्गत प्रोसेसिंग सेंटर की स्थापना से मखाना उत्पादक किसान मखाना का मूल्य संवर्धन कर सकेंगे। साथ ही कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का उद्घाटन भी किया जाएगा। बिहार में अबतक 5841 पैक्स में कॉमन सर्विस सेंटर बनाए जा चुके हैं।
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बिहार के इतने पैक्स होंगे डिजिटल
केंद्रीय मंत्री अमित शाह कार्यक्रम के दौरान बिहार राज्य के 500 पैक्स को ई-पैक्स के रूप में शुभारंभ करेंगे। इन पैक्सों में सभी प्रकार का लेन-देन कंप्यूटर के माध्यम से किया जाएगा। वहीं, आने वाले दिनों में लगभग 4000 पैक्स को ई-पैक्स के रूप में विकसित किया जाएगा। पैक्स के ऑनलाइन होने से यह पैक्स के कार्यकलापों में पारदर्शिता लाएगा। इसके तहत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, प्रधानमंत्री जन औषधि योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, कॉमन सर्विस सेंटर सुविधाएं और भंडारण योजनाएं इत्यादि का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
इसके साथ ही राज्य में 25 पैक्स को भारत सरकार द्वारा संचालित विश्व की सबसे बड़ी भंडारण योजना के तहत त्रिपक्षीय एमओयू साइन किया जाएगा। इसके अलावा एफपीओ को लोन वितरण का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। साथ ही पीएम कृषक समृद्धि केंद्र का भी शुभारंभ होगा।


