संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: जगह—जगह से किसानों को रबी की बुआई को लेकर नोटबंदी के कारण परेशान होने की खबरें आ रही हैं। कहीं पैसे की कमी की वजह से किसान बीज नहीं खरीद पा रहा है तो किसी किसान के पास इतना नकदी नहीं है कि वह खेत की जुताई करवा सके। खाद खरीद सके। किसानों के सामने खेत को खाली रखने को विवश होने की मजबूरी है। लेकिन केंद्र सरकार इससे सहमत नहीं है।
जी हां, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि विमुद्रीकरण का रबी की बुआई पर कोई असर नहीं पड़ा है और 2 दिसंबर तक के आंकड़े के अनुसार रबी की बुआई के रकबे में पिछले वर्ष की तुलना में अच्छी खासी वृद्धि हुई है। इसके लिए उन्होंने आंकड़े भी जारी किये हैं। देश भर में 2 दिसंबर 2016 तक कुल रबी फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 382.84 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 415.53 लाख हेक्टेयर है, जो कि 32.70 लाख हेक्टेयर (8.54%) से अधिक है।
गेंहू, दलहन और तिलहन फसलों की बुआई में वृद्धि
गेहूं फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 152.56 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 173.93 लाख हेक्टेयर है, जो कि 21.37 लाख हेक्टेयर (14.01%) से अधिक है। दलहन की बुआई की स्थिति पिछले साल के 99.83 लाख हैक्टेयर के मुकाबले 112.95 लाख हेक्टेयर है, जो कि 13.11 लाख हेक्टेयर (13.14%) से अधिक है। तिलहन फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 64.21 लाख हैक्टेयर के मुकाबले 70.70 लाख हेक्टेयर है, जो कि 6.49 लाख हेक्टेयर (10.11%) से अधिक है। उन्होंने कहा कि गेंहू, दलहन और तिलहन रबी की मुख्य फसले हैं और तीनों के बुआई के रकबे में वृद्धि दर्ज की गयी है।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में रबी की बुआई में अच्छी वृद्धि
ज्यादातर राज्यों में भी रबी की बुआई के रकबे में वृद्धि हुई है। उदाहरण के तौर पर दो बड़े राज्यों- उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में रबी का रकबा बढ़ा है।उत्तर प्रदेश में 02/12/2016 तक कुल रबी फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 60.517 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 70.897 लाख हेक्टेयर है, जो कि 10.380 लाख हेक्टेयर (17.15%) से अधिक है। वहीँ मध्य प्रदेश में कुल रबी फसल की बुआई की स्थिति पिछले साल के 60.710 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 81.390 लाख हेक्टेयर है, जो कि 20.680 लाख हेक्टेयर (34.06%) से अधिक है।

