राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) देश में सफल होने के लिए सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर साल लाखों अभ्यार्थी शामिल होते हैं। ऐसी ही मैकेनिक की बेटी आरती की कहानी किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यार्थी के लिए किसी प्रेरणा से कम नही है।
आर्थिक तंगी का सामना करता है आरती का परिवार
आरती झा की उम्र 21 साल है। आरती ने NEET 2023 की परीक्षा दी और न सिर्फ NEET परीक्षा पास किया बल्कि शानदार स्कोर भी किया। आरती के डॉक्टर बनने का सफर आसान नहीं था। वह एक ट्रक मैकेनिक की बेटी हैं और उनका परिवार काफी आर्थिक तंगी में गुजारा कर रहा है।
आरती के पिता दो दशकों से अधिक समय से ट्रक मैकेनिक के रूप में काम कर रहे हैं। अपने बड़े परिवार का भरण-पोषण और देखभाल करने के लिए प्रति माह केवल 20,000 रुपये ही कमा पाते थे। पैसे बचाकर आरती के माता-पिता ने उसे मेडिकल प्रवेश कोचिंग में एड्मीशन कराया।
17 किमी दूर सफर तय कर आरती जाती थी कोचिंग सेंटर
आरती झा का कोचिंग सेंटर उनके घर से 17 किमी दूर था। आरती रोज 10 रुपए बचाने के लिए लगभग 3 किलो मीटर पैदल चलकर कोचिंग जाती थी। अपनी NEET की तैयारी के अलावा आरती अपने परिवार के लिए कुछ अतिरिक्त पैसे कमाने के लिए ट्यूशन कक्षाएं लेना भी शुरू कर दिया।
अपने खर्चों के लिए आरती देतीं थी बच्चों को ट्युशन
आरती के पिता कभी-कभी अपनी बेटी को 15 साल पुरानी बाइक से कोचिंग तक छोड़ने के लिए जाते थे, लेकिन अक्सर उन्हें काम के लिए बाहर जाना पड़ता था। पैसे कमाने के लिए रोजाना ट्यूशन जाने-आने से आरती अक्सर NEET परीक्षा के लिए अध्ययन करने के लिए बहुत थक जाती थी।
आरती खुद को नींद से बचाने के लिए जानबूझकर बिना बिजली के पढ़ाई करती थी और अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए पंखा बंद रखती थी। आख़िरकार, आरती ने मेडिकल संस्थान में एड्मिशन लेने और NEET परीक्षा पास करने का अपना लक्ष्य प्राप्त कर लिया।
आरती ने नीट 2023 परीक्षा में 192वीं रैंक और ओबीसी कैटेगरी में 33वीं रैंक हासिल किया। उनके दो भाई वर्तमान में एसएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और आरती झा अपने परिवार में पहली डॉक्टर बनने वाली हैं।


