अक्षत सरोत्री
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिसंबर तक होने की उम्मीद है। 2019 में शुरू की गई चेयर-कार ट्रेन के बाद यह वंदे भारत श्रृंखला का तीसरा संस्करण होगा।
ट्रेन का दो महीने किया जाएगा ट्रायल
इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई के महाप्रबंधक यू सुब्बा राव ने एक मीडिया संस्थान को बताया कि वंदे भारत की पहली स्लीपर ट्रेन 20 सितंबर तक बेंगलुरु में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड के प्लांट से रवाना होने की उम्मीद है। इसके बाद इसका ट्रायल रन किया जाएगा। इसका ट्रायल एक या दो महीने तक चलेगा।
वंदे भारत स्लीपर में ये होगा खास
चेयर कार वंदे भारत ट्रेन से मिले फीडबैक के आधार पर शोर को कम करने और मवेशियों की टक्कर को बेहतर ढंग से झेलने के लिए फ्रंट नोज कोन को मजबूत करने के लिए सुधार किए जा रहे हैं। ट्रेन कवच टकराव बचाव प्रणाली से भी लैस होगी।
अन्य विशेषताओं में स्टेनलेस स्टील कार बॉडी, क्रैश-योग्य यात्री सुरक्षा, जीएफआरपी आंतरिक पैनल, वायुगतिकीय डिजाइन, मॉड्यूलर पेंट्री, अग्नि सुरक्षा अनुपालन, विकलांग यात्रियों के लिए सुविधाएं, स्वचालित दरवाजे, सेंसर-आधारित इंटरकम्युनिकेशन, अग्नि अवरोधक दरवाजे शामिल हैं।
वंदे भारत स्लीपर में भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को यूरोप में नाइटजेट स्लीपर ट्रेनों के समान रात भर की यात्रा पर एक विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करने की योजना बना रहा है। रात में लाइट बंद होने पर शौचालय जाने वाले यात्रियों के लिए सीढ़ी के नीचे फर्श पर एलईडी स्ट्रिप्स होंगी। ट्रेन अटेंडेंट के लिए भी अलग बर्थ होगी।
बता दें कि मई 2023 में 16-कार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट के 10 रेक के डिजाइन और निर्माण के लिए BEML लिमिटेड को एक ऑर्डर दिया गया था। इसकी अधिकतम परिचालन गति 160-180 किमी प्रति घंटे होगी।
