पंचायत खबर टोली
One Nation One Election विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ करवाने की राह अब आसान हो गई है। एक देश-एक चुनाव के प्रस्ताव को आज मोदी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी की रिपोर्ट के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी मिल गई है।
उल्लेखनीय है कि देश में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ करवाने का वादा नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से और अमित शाह ने सरकार के 100 दिन पूरे होने पर किया था। एक दिन पहले यानी 17 को भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली NDA सरकार अपने मौजूदा कार्यकाल में ही वन नेशन-वन इलेक्शन को लागू करेगी। इभी अमित शाह ने भी इसके संकेत दिए थे।
क्या कहती है रिपोर्ट
एक देश-एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने इसी साल 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। वन नेशन वन इलेक्शन की यह रिपोर्ट 18 हजार 626 पेज की है। रिपोर्ट तैयार करने के क्रम में समिति ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मुद्दे पर 62 पार्टियों से संपर्क किया था और इस पर जवाब देने वाले 47 राजनीतिक दलों में से 32 ने एक साथ चुनाव कराने के विचार का समर्थन किया। जबकि 15 दलों ने इसका विरोध किया। रिपोर्ट्स के अनुसार कुल 15 पार्टियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। सूत्रों के मुताबिक वन नेशन-वन इलेक्शन का बिल संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट में पूरे देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराए जाने के 100 दिनों के भीतर ही निकाय चुनाव कराए जाने की भी वकालत की गई है।
पैनल के पांच सुझाव…
- सभी राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव यानी 2029 तक बढ़ाया जाए।
- हंग असेंबली (किसी को बहुमत नहीं), नो कॉन्फिडेंस मोशन होने पर बाकी 5 साल के कार्यकाल के लिए नए सिरे से चुनाव कराए जा सकते हैं।
- — पहले फेज में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं, उसके बाद दूसरे फेज में 100 दिनों के भीतर लोकल बॉडी के चुनाव कराए जा सकते हैं।
- चुनाव आयोग लोकसभा, विधानसभा, स्थानीय निकाय चुनावों के लिए राज्य चुनाव अधिकारियों के परामर्श से सिंगल वोटर लिस्ट और वोटर आई कार्ड तैयार करेगा।
- कोविंद पैनल ने एकसाथ चुनाव कराने के लिए उपकरणों, जनशक्ति और सुरक्षा बलों की एडवांस प्लानिंग की सिफारिश की है।
अब मोदी सरकार की कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है। जैसा कि पहले से ही लग रहा था कि क्योंकि नरेंद्र मोदी सरकार पिछले कार्यकाल से ही एक देश एक चुनाव को लेकर गंभीर थी। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मौकों पर और चुनावी जनसभाओं में भी वन नेशन वन इलेक्शन की बात कही थी। हाल ही में एनडीए सरकार के 100 दिन पूरे होने पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वन नेशन वन इलेक्शन के एनडीए के संकल्प को दोहराया था। अब संसद के शीतकालीन सत्र में इस प्रस्ताव पर विधेयक पेश किया जाएगा।


