बोले लालू..’पहले मेवालाल को ढूंढ रहे थे, अब मेवा मिल गया तो… जवाब..सूप बोले तो बोले, छलनी भी बोले जिसमें बहत्तर छेद ‘

पंचायत खबर टोली

सोशल मीडिया यूजर कुमार गौरव बंटी का लालू को जवाब..सूप बोले तो बोले, छलनी भी बोले जिसमें बहत्तर छेद

पटना: नीतीश कुमार सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद का शपथ लिये। यहां तक बिहार में लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का गौरव नीतीश कुमार को हासिल हुआ है। लेकिन सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चर्चा कम उनके शिक्षा मंत्री मेवालाल की चर्चा ज्यादा हो रही है। क्योंकि सत्ता फिर से संभालते ही अपनी एक नई नियुक्ति को लेकर विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के निशाने पर तो आए ही हैं साथ ही भ्रष्टाचार के आरोप झेलने वाले नेता मेवालाल चौधरी को शिक्षामंत्री बनाए जाने के फैसले पर नीतीश कुमार की सोशल मीडिया पर खूब खिंचाई हो रही है।
लालू प्रसाद यादव ने बोला नीतीश पर हमला

लालू ने नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां तेजस्वी यादव सत्ता में आने के बाद 10 लाख नौकरियां देने की बात कह रहे थे, वहीं नीतीश कुमार ने घोटाला करने वाले को मंत्री बना दिया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘तेजस्वी जहाँ पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख नौकरियाँ देने को प्रतिबद्ध था वहीं नीतीश ने पहली कैबिनेट में नियुक्ति घोटाला करने वाले मेवालाल को मंत्री बना अपनी प्राथमिकता बता दिया। विडंबना देखिए जो भाजपाई कल तक मेवालाल को खोज रहे थे आज मेवा मिलने पर मौन धारण किए हैं।’

मेवालाल की नियुक्ति पर आरजेडी के ट्विटर अकाउंट से भी खूब हमले किए गए हैं। पार्टी ने मंगलवार को कहा कि ‘नीतीश कुमार की नौटंकी देखिए। तेजस्वी जी पर फ़र्ज़ी केस करवा कर इस्तीफ़ा मांग रहे थे और यहाँ खुद एक भ्रष्टाचारी मेवालाल को मंत्री बना रहे है। कर्म की मार से बच नहीं पाओगे कुर्सी कुमार जी।’ वहीं, पार्टी नियुक्ति के बाद से लगातार मेवालाल के कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर नीतीश कुमार से सवाल पर सवाल किए जा रही है।

तेजस्वी जहाँ पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख नौकरियाँ देने को प्रतिबद्ध था वहीं नीतीश ने पहली कैबिनेट में नियुक्ति घोटाला करने वाले मेवालाल को मंत्री बना अपनी प्राथमिकता बता दिया।

विडंबना देखिए जो भाजपाई कल तक मेवालाल को खोज रहे थे आज मेवा मिलने पर मौन धारण किए हैं।

https://t.co/armjAXpwR4— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) November 18, 2020

http://<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”hi” dir=”ltr”>तेजस्वी जहाँ पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख नौकरियाँ देने को प्रतिबद्ध था वहीं नीतीश ने पहली कैबिनेट में नियुक्ति घोटाला करने वाले मेवालाल को मंत्री बना अपनी प्राथमिकता बता दिया। <br><br>विडंबना देखिए जो भाजपाई कल तक मेवालाल को खोज रहे थे आज मेवा मिलने पर मौन धारण किए हैं। <a href=”https://t.co/armjAXpwR4″>https://t.co/armjAXpwR4</a></p>&mdash; Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) <a href=”https://twitter.com/laluprasadrjd/status/1328938523739762690?ref_src=twsrc%5Etfw”>November 18, 2020</a></blockquote> <script async src=”https://platform.twitter.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>

वरिष्ठ पत्रकार विमलेंदु सिंह लिखते हैं कि श्रद्धेय मेवालाल जी ने बहुतों को रबड़ी बांटी थी। सबौर में। वांछित भी रहे। हो सकता है 19 लाख रोजगार योजना को लेकर कोई प्रभावशाली इनके दिल गुर्दा जिगर में। मंगलकामनांए।
वहीं पत्रकार पुष्यमित्र लिखते हैं, ”मेवालाल जी के बारे में रिस रिस कर ढ़ेरों किस्से सामने आ रहे हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गए थे। थाने में बिठाकर पूछताछ हुई। विधायक पत्नी की मौत का अलग संदिग्ध मामला है। भागलपुर और मुंगेर में ही इनके कई किस्से हैं। सचमुच रत्न हैं मेवालाल जी।
वरिष्ठ पत्रकार और वेब पोर्टल न्यूज हाट के संपादक कन्हैया भेलारी हमेशा की तरह अपने भदेष भाषा का प्रयोग करते हुए लिखते हैं कि बिहारी मंतरी मेवालाल जी साहेब के नवरत्न का एगो पीस हैं। कहिए से। कतनो खिलाफ लिखियो, कुछ ना होगा। परजातंतर।
दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षक अरूण कुमार की टिप्पणी है, ”शिक्षाविद प्रोफेसर मेवालाल चौधरी जी को बिहार का शिक्षा मंत्री बनने पर बहुत-बहुत बधाई ! मेरे खयाल से एनडीए द्वारा लिया गया यह सबसे अच्छा फैसला है। मेवालाल जी कृषि विश्वविद्यालय के अपने कुलपति के कार्यकाल में बहाली प्रक्रिया को तेज करने के लिए जाने जाते हैं। अब उनके कार्यकाल में पूरे बिहार के शिक्षा विभाग में भर्ती प्रक्रिया तेज होगी।”

सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहने वाले अभिषेक कुमार सिंह लिखते हैं
नीतीश कुमार का भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस—नीतीश कुमार ने शिक्षा मंत्रालय का अहम जिम्मेवारी अपने मंत्रिमंडल में शामिल मेवालाल चौधरी को दिया है जिसपर भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय के VC रहते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति और भवन निर्माण में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। मतलब स्पष्ट है एक बार फिर से बिहार की भर्तियों में माफियातंत्र हावी रहने वाला है।
बिहार में दो कम पढ़े लिखे को उपमुख्य मंत्री बनाया गया वह कोई बिषय नही है भारत जैसे देश में चुनाव लड़ने के लिए कोई न्यूनतम शैक्षिणक योग्यता की शर्त नहीं होती इस बात के कोई मायने नहीं है कि मंत्री पढ़ा लिखा है या नहीं है। लेकिन यह ज़रूरी है कोई भ्रष्टाचार से संलिप्त व्यक्ति को शिक्षा या किसी भी महत्वपूर्ण मंत्रालय नही देना चाहिए।


वहीं संतोष सिंह परमार लिखते हैं, ”शिक्षा में विकास अब जरूर होगा बहुत फ़ंड है यहाँ..मेवा खाएँगे और लाल हो जाएँगे।”
इस बीच सोशल मीडिया पर शिक्षा मंत्री मेवालाल का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जहां वे एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान गाने का प्रयास करते हैं और ठीक से नहीं गा पाते हैं। अंतत: राष्ट्रगान को बीच में ही छोड़कर वे मंच छोड़ देते हैं।
सोशल मीडिया यूजर कुमार गौरव बंटी अपनी टिप्पणी में कहते हैं कि “सूप बोले तो बोले, छलनी भी बोले जिसमें बहत्तर छेद। लालू यादव की सरकार के कई मंत्री और विधायक रेप, भ्रष्टाचार जैसे मामलों में आरोपी रहे हैं। यहां तक लालू भ्रष्टाचार जैसे मामलों में जेल की सजा काट रहे हैं। उनको यह हक नहीं है कि वे नीतीश कुमार के मेवालाल को मंत्री बनाये जाने को सवाल उठाएं।

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