मंत्री मेवालाल को मिले मेवे की हो रही है चहुंओर चर्चा

पंचायत खबर टोली

पटना: नीतीश कुमार के नये मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण हो चुका है। आज कैबिनेट की बैठक भी हुई और मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी हुआ। लेकिन वि​भागों के बंटवारे के बाद नीतीश कुमार के नये शिक्षा मंत्री मेवालाल को मिले मेवे की चर्चा जोर शोर से हो रही है। सोशल मीडिया से लेकर मुख्य धारा की मीडिया में भी नीतीश कुमार के इस चयन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुरानी खबरें शेयर की जा रही हैं। भ्रष्ट्राचार के प्रति जीरो टोलरेंस के नीतीश की छवी को लेकर सवाल खड़ा किया जा रहा है।
क्या है मामला
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ कुमार दास ने बिहार के डीजीपी को पत्र लिखकर बिहार के नवनियुक्त शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी के बारे में कई सारे आरोप लगाएं जिसमें एक आरोप पिछले साल मेवालाल चौधरी की पत्नी नीता चौधरी की जलने से हुई रहस्यमय मौत भी शामिल हैं। मंत्री मेवालाल चौधरी पर घोटाले के हैं गंभीर आरोप जेडीयू के विधायक मेवालाल चौधरी जिस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और बिहार की निगरानी जांच ब्यूरो ने केस दर्ज कराया था उनको भी मंत्री पद से सम्मानित किया गया है। जेडीयू के विधायक और वर्तमान में मंत्री पद की शपथ ले चुके मेवालाल चौधरी 2010-15 के बीच में सबौर कृषि विवि में वाइस चांसलर थे। इन पर जूनियर वैज्ञानिक की बहाली में धांधली और भवन निर्माण में घपला के गंभीर आरोप हैं। मामला सामने आने के बाद बिहार में काफी हाय-तौबा मची थी। बिहार में नीतीश सरकार की फजीहत होने के बाद इस मामले की निगरानी ब्यूरो से जांच कराई गई। निगरानी ब्यूरो की जांच में आरोप प्रमाणित हुए इसके बाद मेवालाल चौधरी पर स्पेशल विजिलेंस ने 2017 में केस दर्ज किया था और भागलपुर के सबौर थाने में भी 2017 में केस दर्ज हुआ था। जदयू के विधायक मेवालाल चौधरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 46,7 468, 471 और 120 बी के तहत भ्रष्टाचार के मुकदमा दर्ज है। इनके खिलाफ अभी भागलपुर के एडीजे-1 की अदालत में मामला लंबित है।

राजद ने उठाए सवाल,जदयू ने किया बचाव
राष्ट्रीय जनता दल ने मेवालाल को शिक्षा मंत्री बनाए जाने के बाद नीतीश कुमार को घेरा। राजद ने इस बाबत किये गये अपने ट्वीट में कहा कि, ‘जिस भ्रष्टाचारी MLA को सुशील मोदी खोज रहे थे, उसे नीतीश ने मंत्री बना दिया।’ मेवालाल पर उठ रहे सवालों का जवाब जेडीयू प्रवक्ता अजय आलोक ने दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में हाई कोर्ट में ट्रायल चल रहा है, उसके बाद भी आप हाई कोर्ट पर सवाल उठा रहे हैं। कुशवाहा बिरादरी ने एनडीए को वोट दिया इसलिए विपक्ष मेवालाल चौधरी को निशाना बना रहा है।


भ्रष्टाचार पर चुप्पी, विकास की बात करना चाहते हैं मेवालाल
इस बाबत जब पत्रकारों ने मेवालाल से बात करनी चाही तो वह कैमरे से बचते नजर आए। एक निजी चैनल से बातचीत में मेवालाल ने कहा कि इन सवालों का अभी कोई औचित्य नहीं है। ये सब कुछ नहीं है।
मेवालाल ने आरोपों से जुड़े सवाल टालते हुए कहा कि आप विकास पर बात कीजिए, किस तरह से राज्य में विकास हो, चौतरफा विकास हो, किस तरह की कनेक्टिविटी हो, बेहतर शिक्षा और कृषि हो। आज हमें विकसित राज्य बनाने पर बात करनी है। हमारे मुखिया का भी यही उद्देश्य है और इसी पर हमारी प्रतिबद्धता है।


कौन हैं मेवालाल चौधरी
जेडीयू कोटे से मंत्री बनने वाले मेवालाल चौधरी को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया है। बिहार की तारापुर विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू के टिकट पर दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। मेवालाल चौधरी 2015 में पहली बार विधायक बने थे जबकि इससे पहले तक वो शिक्षक रहे हैं। वो कोइरी समुदाय से आते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *