
mumbai: महाराष्ट्र भारत का एक प्रमुख कृषि प्रधान राज्य है। और यहाँ के किसान राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महाराष्ट्र में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं। हालांकि महाराष्ट्र में अक्सर सूखा और बाढ़ जैसी स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं। जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं। दरअसल महाराष्ट्र के प्याज किसान जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान से बचने के लिए बड़ी संख्या में फसल बीमा को लेकर रुचि दिखा रहे हैं। बीते कुछ सालों में फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या तेजी से बढ़ी है। राज्य कृषि विभाग ने बताया की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपने खेतों का बीमा कराने वाले प्याज किसानों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024-25 में महाराष्ट्र में 7.43 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में प्याज फसल का बीमा हुआ है। पांच साल पहले यानी वर्ष 2019-20 में 45, हजार हेक्टेयर क्षेत्र में प्याज फसल का बीमा करवाया गया था।
वहां के अधिकारियों ने बताया कि सरकार की ओर से बहुत कम प्रीमियम घोषित किए जाने के फैसले से बीमा करवाने वाले किसानों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2023 से महाराष्ट्र के किसानों को प्याज के बीमा के लिए सिर्फ 1 रुपये प्रीमियम चुकाना होता है। इस वजी कि बीमा कवरेज में बढ़ोतरी हुई है।
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60 हजार का क्लेम मिला किसानों को
आंकड़ों के मुताबिक, नासिक जिले के नायगांव के 40 वर्षीय किसान संदीप पंसारे ने कहा कि पिछले साल उन्होंने अपनी पांच एकड़ प्याज की फसल का बीमा करवाया था। हालांकि कि अप्रैल में बेमौसम बारिश से उनकी फसल बर्बाद हो गई। जिसकी वजह से उन्हें नवंबर में 60 हजार रुपये का क्लेम मिला था। इसके अलावा कमाई के लिहाज से जितना उनका नुकसान हुआ। उसकी मुआवजे से भरपाई होना तो मुश्किल ही है। लेकिन उनकी बुवाई की लागत जरूर वापस मिल गई।
बेमौसम बारिश और कीट का प्रकोप
किसान ने बताया कि बेमौसम बारिश और कीटों का प्रकोप फसलों को बर्बाद करता जा रहा है। ऐसे में प्याज किसानों के लिए फसल बीमा एक अच्छी सुविधा दिखाई दे रही है। इस इलाके में बड़ी संख्या में किसान फसल बीमा किसान भाई करवा रहे हैं। इसके लिए प्रीमियम मात्र 1 रुपये चुकाना पड़ रहा है। जो कि बुरा नहीं है। नायगांव के ही एक अन्य किसान एकनाथ सनप ने भी कहा कि बीमा कवर फसल के नुकसान के भरपाई के लिए एक अच्छी सुविधा है। किसान इसमें काफी रुचि दिखा रहे हैं।
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अधिक बारिश की घटनाएं
महाराष्ट्र देश में 34 प्रतिशत से ज्यादा उत्पादन के साथ सबसे बड़ा प्याज उत्पादक राज्य है। यहां के किसानों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश को लेकर कोई समय तय नहीं होता है। यह कई बार भारी बारिश की घटनाएं होती रहती है। यही वजह है कि किसान फसल बीमा योजना को अपनाने लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच मानसून सूत्रों में चार बार यह देखा गया है। कि प्याज उत्पादक क्षेत्रों में खासकर नासिक संभाग में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है।


