पूजा
पटना: बिहार सरकार की नई पहल के तहत जीविका दीदियां अब 2000 नए ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) चलाएंगी। पहले ये केंद्र आमतौर पर पुरुषों द्वारा चलाए जाते थे। अब सरकार जीविका दीदियों को बैंक से 10 हजार करोड़ रुपये का लोन दिला रही है, जिससे वे ये केंद्र खोल सकें। इसकी घोषणा उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने 2025-26 के बजट में की है।
वित्त मंत्री की ओर से बजट भाषण में जीविका के लिए गये प्रावधानों की जानकारी दी गयी। इसके साथ ही जीविका के कार्यों को बताया। कहा कि 2025 तक 52 लाख महिला किसानों को कृषि विभाग के साथ समन्वय कर कृषि की नयी तकनीक से जोड़ने का बिहार सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं महिला किसानों को फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी से जोड़ा जायेगा। इसके अलावा महिलाओं द्वारा 85 जैविक खेती कलस्टर विकसित किये जा रहे हैं।
पशुपालन से जोड़ा जाएगा 10 लाख परिवारों को
सरकार ने 2025 तक 10 लाख परिवारों को पशुपालन से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इस वर्ष 5 लाख परिवारों को उद्यमिता विकास, अतिरिक्त आय संवर्धन एवं रोजगार सृजन से भी जोड़ा जायेगा। हालांकि कृषि विभाग बिहार के सहयोग से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी बिहार की 11,789 महिलाएं मधुमक्खी पालन कर रही है। इनकी सहायता से अब तक 2724.7 टन शहद का उत्पादन किया गया है। 194 जीविका दीदी की रसोई का संचालन किया जा रहा है।
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स्वयं सहायता समूहों को मिलेंगे 150 करोड़
कोईलवर एवं गोरौल में जीविका दीदी का सिलाई घर संचालित है। जिस के अदंर 700 जीविका दीदियां कार्य कर रही है। इसके तहत 1.03 लाख नये समूह बनाये जायेंगे। इसके माध्यम से लगभग 20 लाख नये परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जायेगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में नवगठित स्वयं सहायता समूहों को जीविकोपार्जन संवर्धन के लिए लगभग 150 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जीविका द्वारा अब तक कुल 10 से 47 लाख स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। इसके अलावा एक करोड़ 30 लाख से अधिक परिवारों को समूहों से जोड़ा गया है।


