
नई दिल्ली: भारत ने कोविड-19 टीकाकरण में एक और उपलब्धि हासिल कर ली है,हालाकि महामारी से बचाव के लिए संपूर्ण टीकाकरण की यात्रा जारी है। कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान की शुरूआत 16 जनवरी 2021 को टीकाकरण अभियान की शुरूआत हुई थी। इस लिहाज से देखें तो मात्र 18 माह ही बीते हैं और भारत में 200 करोड कोविड 19 टीकाकरण लक्ष्य हासिल कर लिया है। स्वाभाविक है किसी भी देश के टीकाकरण अभियान के लिए यह एक मील का पत्थर है और भारत की इस सफलता पर दुनिया हतप्रभ और बधाईयां मिल रही है। इसी क्रम में भारत सहित 190 से अधिक देशों और क्षेत्रों में, हम हर बच्चे के लिए, हर जगह, हर किसी के लिए एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए काम करने वाली और विषम परिस्थितियों में भी बच्चों और महिलाओं के अधिकारों और उनकी बेहतरी के लिए प्रयास करने वाली अंतरर्राष्टीय संस्था यूनिसेफ ने भारत को इस सफलता पर बधाई दी है।
क्या है यूनिसेफ का संदेश
“यूनिसेफ ने भारत को कोविड-19 टीकाकरण की 200 करोड़ डोज देने के लक्ष्य को हासिल करने पर बधाई दी और कहा है यह कोरोना महामारी के खिलाफ की लड़ाई मील का पत्थर साबित हुआ है। इस लक्ष्य को देश के प्रभावी नेतृत्व के निर्देशन में, स्वास्थ्य सेवा और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं सहित कई अभिनेताओं के अथक प्रयासों के जरिए ही इस उल्लेखनीय उपलब्धि को संभव बनाया गया है।
“भारत जैसे विशाल और विविधता वाले देश में 18 महीनों में टीकों की दो अरब खुराक पूरी करना, एक अभूतपूर्व उपलब्धि है और भारत के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के धैर्य और समर्पण का एक प्रमाण है, जिन्होंने देश के सभी हिस्सों में टीकाकरण कवरेज को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास किया है। बार-बार महामारी की लहरों, खराब मौसम, कठिन इलाके और दुर्गम क्षेत्रों की चुनौतियों के बावजूद देश के सभी हिस्सों में टीकाकरण कवरेज को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास करते हुए यह लक्ष्य हासिल किया है।
“यह क्षण वैज्ञानिकों, स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े चिकित्सकों, वैक्सीन निर्माताओं और नीति निर्माताओं की कड़ी मेहनत का सम्मान करने का है, जिन्होंने निर्धारित समय के अंदर ही हरेक व्यक्ति तक टीकों की समय पर उपलब्धता और समान रूप से उपलब्धता सुनिश्चित की। अपनी टीकाकरण के योग्य आबादी को टीकाकरण की दृष्टि से प्रेरित करते हुए सावधानीपूर्वक बनाये गये योजना के जरिए भारत ने सफलतापूर्वक यह मील का पत्थर हासिल किया है।
टीकाकरण अभियान में यूनिसेफ की अहम भूमिका
“महामारी के शुरुआत के बाद से ही यूनिसेफ ने भारत सरकार को वॉक-इन कूलर, फ्रीजर, आइस लाइनेड रेफ्रिजरेटर और डीप फ्रीजर सहित 4,195 से अधिक इलेक्ट्रिकल कोल्ड चेन उपकरणों की खरीद और आपूर्ति करके इस दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग व समर्थन दिया है। इस दौरान हमने 600,000 से अधिक कोल्ड बॉक्स और वैक्सीन कैरियर की आपूर्ति की।
प्रशिक्षण से लेकर मोबलाईजेशन तक महत्वपूर्ण कड़ी बना रहा यूनिसेफ
कोविड 19 वायरस के व्यापक प्रसार के रोकथाम के लिए व्यवहारिक परिवर्तन को बढ़ावा देने और भारत के टीकाकरण अभियान को और तेज करने के लिए यूनिसेफ द्वारा राष्ट्रीय संचार अभियानों में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का समर्थन लगातार किया जाता रहा है। संचार, एडवोकेसी और सामाजिक एकजुटता की दिशा में यूनिसेफ द्वारा किये गए समर्थन ने टीकाकरण अभियानों के महत्व के विषय में जागरूकता बढ़ाने में मदद की।
भ्रामक प्रचार की बजाय जनता तक पहुंचाई सही सूचना
समयानुकूल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए मिथकों को दूर करने, भ्रामक/ गलत सूचना का मुकाबला करने और टीकाकरण की प्रक्रिया को सहजता से अपनाने व सर्वसुलभ बनाने में बाधा डालने वाली फर्जी खबरों के विषय में जागरूक करने में मदद की है। यूनिसेफ द्वारा बनाए गए सरल वैज्ञानिक संदेशों और सम्मोहक ऑडियो-विजुअल सामग्री ने सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम के तहत समय पर सटीक जानकारी प्रसारित करने और कोविड -19 टीकाकरण अभियान का समर्थन करने में काफी मदद की है।
उल्लेखनीय है कि भारत को टीकाकरण अभियान में मिली सफलता विभिन्न पड़ावों से गुजरी है तब जाकर 200 करोड़ डोज देने में सफलता मिली है। यदि मंजिल पर पहुंचने से पहले के रास्तों और पड़ावों पर गौर करें तो स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार, भारत में कोरोना वैक्सीन की 10 करोड़ डोज को लगाने में 85 दिन का वक्त लगा था। इसके बाद 20 करोड़ डोज देने में 45 दिन का समय लगा था। जैसे-जैसे ये अभियान आगे बढ़ता गया। वैसे-वैसे ही भारत हर दिन नए कीर्तिमान स्थापित करता गया और भारत ने महज 548 दिनों में कोरोना टीकाकरण का रिकार्ड बना लिया।
टीकाकरण अभियान के मुख्य पड़ाव
2 जनवरी 2021 को भारत सरकार ने दो मेड इन इंडिया वैक्सीन के इस्तेमाल की इमरजेंसी मंजूरी दी।
16 जनवरी 2021 को देश में कोरोना वैक्सीन अभियान शुरु हुआ।
19 फरवरी 2021 को देश ने एक करोड़ के लक्ष्य को हासिल किया।
1 मार्च 2021 को Co-win पोर्टल, आरोग्य सेतु और उमंग एप के माध्यम से वैक्सीन पंजीकरण शुरू हुआ।
12 जून 2021 को देश में कोविड-19 वैक्सीन की 25 करोड़ खुराकें दी गई।
कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत भारत ने 50 करोड़ डोज लगाने के पड़ाव को 6 अगस्त 2021 को पूरा किया गया।
देश में कोरोना के खिलाफ जारी टीकाकरण के 75 करोड़ के आंकड़ों को 13 सितंबर 2021 को हासिल किया गया था।
17 सितंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 2.5 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई गई।
21 अक्टूबर 2021 को भारत ने 100 करोड़ कोरोना डोज लगाने का लक्ष्य को हासिल किया।
3 नवंबर 2021 को हर घर दस्तक अभियान की शुरूआत की गई।
7 जनवरी 2022 को 150 करोड़ डोज लगाई गई।
19 फरवरी 2022 तक 175 करोड़ डोज के लक्ष्य को हासिल किया गया।
16 जुलाई 2022 को भारत ने 200 करोड़ डोज के पड़ाव को पार कर लिया है।
जाहिर है कि इस पूरी यात्रा में यूनिसेफ भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ कदमताल मिलाते हुए इस महामारी से बचाव और टीकाकरण अभियान में साथ रहा है। ऐसे में यदि भारत में टीकाकरण अभियान सफल हुआ है और इस महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंचा है तो महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में मिली सफलता न सिर्फ भारत सरकार के स्वास्थ्य महकमे की सफलता है बल्कि यह साझी सफलता है जिसमें यूनिसेफ जैसी संस्थाओं का अहम योगदान रहा है।




