वर्षा वर्मा
नई दिल्ली: केंद्र सरकार की ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू किए गए स्टेज 3 के बाद से राष्ट्रीय राजधानी में BS 3 पेट्रोल और BS 4 डीजल कारों पर प्रतिबंध फिर से लागू हो गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग, एक केंद्रीय पैनल जो दिल्ली में प्रदूषण के स्तर की निगरानी करता है। और सुधारात्मक उपाय सुझाता है। दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 350 अंक को पार करने के बाद GRAP स्टेज 3 मानदंडों को लागू करने के निर्णय की घोषणा की। यह दूसरी बार है जब राष्ट्रीय राजधानी में एक महीने के भीतर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इससे पहले, शहर में बढ़ते प्रदूषण के कारण AQI का स्तर बढ़ने के बाद CAQM को 3 जनवरी को GRAP स्टेज 3 प्रतिबंध लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। हालांकि, प्रदूषण के स्तर में गिरावट के बाद दो दिनों के भीतर इसे हटा लिया गया था।
वाहन प्रतिबंध नियम
नए GRAP मानदंडों के तहत, दिल्ली-एनसीआर में BS 3 पेट्रोल और BS 4 डीजल वाहनों का चलना प्रतिबंधित है। हालांकि, यह प्रतिबंध विकलांग यात्रियों पर लागू नहीं होते हैं। इस चरण के दौरान सभी गैर-जरूरी BS 4 डीजल से चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों को भी राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर चलने के लिए प्रतिबंधित किया गया है। प्रतिक्रिया योजना के GRAP चरण 2 में निजी BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल से चलने वाली कारों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध नहीं है।
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क्या करें और क्या न करें
बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल कार चलाकर सीएक्यूएम आदेश का उल्लंघन करने पर भारी यातायात जुर्माना लग सकता है। जो लोग जीआरएपी मानदंडों का उल्लंघन करते हैं। उन्हें 20,000 रुपये का यातायात जुर्माना लग सकता है। बाकी के लिए स्वीकार्य उत्सर्जन मानकों वाले आईसीई वाहनों को 10,000 रुपये के यातायात जुर्माने से बचने के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) ले जाना भी जरूरी होगा। दिल्ली में 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहन और 15 साल से ज्यादा पुरानी डीज़ल कारें भी नहीं चल सकती हैं। अगर इस दौरान उन्हें इस्तेमाल करते हुए पाया गया तो उन्हें जब्त किया जा सकता है। और इन वाहन मालिकों पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

