
नयी दिल्ली: बिहार में पंचायत चुनाव की बिसात बिछ गयी है। विभागीय तैयारी चरम पर है। उधर तीसरी सरकार में अपनी भागीदारी निभाने के लिए उम्मीदवार भी अपने-अपने दावे को लेकर जनता के बीच पहुंचने लगे हैं। लेकिन इस सब के बीच सरकार की तरफ से पंचायत चुनाव के पहले बिहार के पंचायत प्रतिनिधियों को खुशखबरी मिलने जा रही है। उन्हें वर्षो से बकाया नियत भत्ता का भुगतान होने जा रहा है। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों को जरूरी निर्देश भेज दिया है।

जारी किए गया फंड
पंचायती राज विभाग ने इसके लिए 112 करोड़ रुपए जारी भी कर दिए गए हैं। राज्य में करीब ढाई लाख पंचायत प्रतिनिधि और ग्राम कचहरी प्रतिनिधि हैं। इस राशि से अगस्त 2020 से लेकर फरवरी 2021 तक के भत्ते का भुगतान किया जाएगा।
हालांकि कई जिलों से सूचना मिली है कि कई प्रतिनिधियों को पिछले वर्ष अगस्त से पहले का भत्ता भी नहीं मिला है। इसलिए विभाग ने निर्देश दिया है कि वर्तमान राशि से भुगतान के अलावा पहले से बकाया राशि का भी भुगतान यथाशीघ्र किया जाए। साथ ही भत्ता भुगतान की रिपोर्ट भी विभाग को भेजी जाए।
उल्लेखनीय है कि राज्य में 8386 पंचायतों में मुखिया, उप मुखिया, सरपंच उपसरपंच के अलावा एक लाख 14 हजार वार्ड सदस्य और पंच हैं। इनके अलावा जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख, पंचायत समिति के सदस्य हैं। इन सभी को सरकार की ओर से नियत राशि भत्ता के तौर पर दिया जाता है।

विवाद के कारण भुगतान लंबित
विभागीय सूत्रों के अनुसार कई जगहों पर मुखिया, उपमुखिया और सरपंच, उप सरपंच के बीच विवाद के कारण भुगतान लंबित हो जाता है क्योंकि दोनों के संयुक्त हस्ताक्षर से भुगतान की रकम की निकासी होती है। हालांकि इस नियम में संशोधन की तैयारी हो रही है। ऐसा प्रावधान किया जाने वाला है जिससे जिला पंचायती राज पदाधिकारी सीधे संबंधित प्रतिनिधि के खाते में भुगतान कर सकें।
उल्लेखनीय है कि बिहार में जिला परिषद अध्यक्ष को 12 हजार रुपए मासिक, उपाध्यक्ष व प्रखंड प्रमुख को 10 हजार मासिक, प्रखंड उप प्रमुख पांच हजार रुपए मासिक, जिप सदस्य, मुखिया व सरपंच को ढाई हजार रुपए मासिक, उप मुखिया व उप सरपंच को बारह सौ रुपए मासिक, पंचायत समिति सदस्य को एक हजार रुपए मासिक और वार्ड सदस्य व पंच को पांच सौ रुपए मासिक भत्ता देने का प्रावधान है।
रंग लाई विभाग की तत्परता
पंचायत प्रतिनिधियों का भत्ता भुगतान नहीं होने के मामले को लेकर पंचायती राज विभाग तत्पर रहा है और जिला पंचायती राज विभाग को रिमाइंडर भेजता रहा है। मई 2020 में इसके लिए 114 करोड़ 46 लाख रुपए जारी किए गए थे। इस राशि से अगस्त तक भत्तों का भुगतान किया जाना था। पर दिसंबर तक 66 प्रतिशत राशि का ही भुगतान किया जा सका था। लेकिन अब लगता है कि सभी बकाया का भुगतान हो जाएगा क्योंकि पंचायत चुनाव भी निकट आ गया है और यह वित्त वर्ष समाप्त होने वाला है।