बजट में नारी को तोहफा, गर्भवती महिलाओं को न्यूट्रिशनल सपोर्ट देने का ऐलान

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वर्षा वर्मा

 

Budget:  केंद्रीय बजट 2025-26 महिलाओं के लिए भी अहम है। क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज नारी से जुड़े कई बडे ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए घोषणा की सक्षम आंगनवाड़ी के जरिए 8 करोड़ बच्चों और 1 करोड़ गर्भवत्ती महिलाओं को न्यूट्रिशनल सपोर्ट दिया जाएगा। दरअसल आंगनवाड़ी केंद्रों का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को उचित पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना होता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं के पोषण को बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाती हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

 

पूरक पोषण आहार
गर्भवती महिलाओं को आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से निःशुल्क पोषण आहार प्रदान किया जाता है। जिसमें शामिल होता है।
-सूखा राशन: गेहूं, चावल, दालें, गुड़, मूंगफली, तेल आदि।
– तैयार भोजन: खिचड़ी, दलिया, हलवा, घी-चावल आदि।

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आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां
गर्भवती महिलाओं को खून की कमी से बचाने के लिए आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां (IFA) दी जाती हैं। ताकि उनका हीमोग्लोबिन स्तर ठीक बना रहे। आंगनवाड़ी केंद्रों में समय-समय पर गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। डॉक्टर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता महिलाओं को संतुलित आहार, स्वच्छता और टीकाकरण से जुड़ी सलाह देते हैं। अनीमिया, हाई बीपी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर उचित सलाह दी जाती है।

पोषण जागरूकता अभियान
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं को पोषण से जुड़ी सही जानकारी देती हैं। जैसे, रोज़ के भोजन में हरी सब्जियां, दूध, दालें, फल और सूखे मेवे शामिल करें। ज्यादा पानी पिएं और स्वच्छता का ध्यान रखें। तली-भुनी चीजों से बचें और पौष्टिक आहार लें आंगनवाड़ी केंद्र गर्भवती महिलाओं को उचित पोषण, स्वास्थ्य जांच, परामर्श और सरकारी योजनाओं का लाभ देकर उनकी देखभाल सुनिश्चित करते हैं। इससे मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है और कुपोषण से बचाव होता है।

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