बिहार में ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा, किसानों को मिल रही है 40% सब्सिडी

0
292

 

वर्षा वर्मा

 

 

पटना:  बदलते समय के साथ अब किसान पारंपरिक खेती से हटकर नई फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। खासकर, वे फलों की उन किस्मों को उगाने में रुचि दिखा रहे हैं जो पहले केवल ठंडी जलवायु या विशेष क्षेत्रों में ही संभव मानी जाती थीं। अब ऐसे दुर्लभ और लाभकारी फलों की खेती मैदानी इलाकों में भी की जा रही है। इसी दिशा में बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ड्रैगन फ्रूट विकास योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत ड्रैगन फ्रूट की खेती करने वाले किसानों को कुल लागत का 40% सब्सिडी प्रदान की जा रही है। यह योजना मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के अंतर्गत चलाई जा रही है।

 

 

 

 

क्या है ड्रैगन फ्रूट विकास योजना?
योजना के तहत एक हेक्टेयर ड्रैगन फ्रूट की खेती पर लगभग ₹7.5 लाख की लागत आती है। जिस पर सरकार ₹3 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। प्रथम वर्ष में ₹1.8 लाख, दूसरे और तीसरे वर्ष में ₹60-60 हजार रुपए। सरकार का उद्देश्य किसानों को लाभकारी फलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना और राज्य में बागवानी की संभावनाओं को विस्तार देना है।

 

 

किन जिलों को किया गया है चयनित?
ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए बिहार के 21 जिलों को चिन्हित किया गया है, जिनमें पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर, सीवान, नालंदा, पूर्णिया, वैशाली आदि शामिल हैं।

 

ये भी पढ़े…

 

 

अब एक ही किस्त में मिलेगा गन्ने का भुगतान, सरकार का चीनी मिलों को सख्त आदेश”

 

 

कैसे करें आवेदन?
किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदनकर्ता के पास भूमि स्वामित्व के वैध दस्तावेज, बैंक खाता (जो DBT पोर्टल से जुड़ा हो), और पहचान पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए।

 

 

चयन प्रक्रिया
चयन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा। जिसमें आरक्षण की नीति भी लागू होगी। महिलाओं को प्रत्येक श्रेणी में 30% आरक्षण दिया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here