
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने गन्ना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब किसानों को गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) एक ही किस्त में मिलेगा। जिससे उन्हें लंबी अवधि तक भुगतान के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह निर्णय मंगलवार को जारी किए गए एक सर्कुलर के माध्यम से लिया गया है। इससे पहले, गन्ना किसानों को एफआरपी का भुगतान कई किस्तों में किया जाता था। जिससे उन्हें वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब, एक ही किस्त में भुगतान मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और उन्हें अपनी आवश्यकताओं के लिए समय पर धनराशि प्राप्त होगी।
स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी ने किसानों को किस्तों में एफआरपी देने के लिए फरवरी 2022 में लिए गए राज्य के फैसले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद अदालत ने राज्य सरकार को केंद्रीय अधिनियम का पालन करने का निर्देश दिया।
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सरकार के फैसले का स्वागत
राजू शेट्टी ने कहा, “मैं राज्य सरकार के उस फैसले का स्वागत करता हूं जिसमें चीनी मिलों को एक ही किस्त में एफआरपी देने का निर्देश दिया गया है। एक किस्त के नियम को राज्य के अधिकारियों ने चीनी मिलों के दबाव में बदल दिया था। इससे पहले कि वह हाई कोर्ट के नियम का पालन करती। मैंने सुना है कि राज्य सरकार इस फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की योजना बना रही है, और यह किसानों के हित के खिलाफ होगा।” उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पहले ही एक कैविएट दायर किया जा चुका है और कोई भी फैसला देने से पहले उसे किसानों का पक्ष सुनना होगा। “हालांकि राज्य के लिए हाई कोर्ट के आदेश का पालन करना अनिवार्य है, लेकिन वह इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है।”

