डिजिटल इंडिया की ज्योति बनी ‘किरण’

ज्ञान ज्योति, गिरिडीह
— खनिज प्रदेश झारखंड के वृंदा गांव से दिल्ली तक पहुंची प्रसिद्धि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किया किरण को सम्मानित

झारखंड के बिरनी प्रखंड के वृंदा गांव की किरण कुमारी सुदूर ग्रामीण अंचल में नारी सशक्तीकरण की मिसाल बन गई हैं। डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में जुटी किरण के समर्पण का ही कमाल है कि उनका नाम आज उनके गांव से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक एक मिसाल के रूप में लिया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी किरण को सम्मानित कर चुके हैं।

2010 से शुरू हुआ सफर: इंटर तक पढ़ाई करने वाली किरण पहले आम गृहिणी ही थीं। साल 2010 में उन्होंने गांव में प्रज्ञा कॉमन सर्विस सेंटर का संचालन शुरू किया। उसके बाद तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और डिजिटल इंडिया की मुहिम में नित्य नए कीर्तिमान गढ़ दिए। किरण ने बताया कि पति पप्पू कुमार ने उन्हें प्रेरित किया और डिजिटल इंडिया के महत्व के बारे में समझाया। तभी डिजिटल इंडिया की मुहिम में अपनी सशक्त भूमिका बनाने की ठान ली। पति कॉमन सर्विस सेंटर के जिला प्रबंधक हैं। किरण का छह वर्ष का बेटा व सात वर्ष की बेटी है। अपने काम के बीच वह परिवार को भी पूरा समय देती हैं।
कैशलेस इंडिया की मुहिम में दे रहीं योगदान: कैशलेस इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में किरण के कार्यों की लंबी फेहरिस्त है। वे अब तक एक लाख लोगों का आधार पंजीयन करा चुकी हैं। छह हजार लोगों को डिजिटल लॉकर की सुविधा उन्होंने दिलाई है। वृंदा व आसपास के गांवों के लोगों को किरण की मुहिम के कारण अब बिजली बिल भुगतान, बिजली कनेक्शन लेने, रेलवे टिकट बुक कराने, बीमा प्रीमियम के भुगतान जैसे कार्यों के लिए कार्यालयों का चक्कर नहीं काटना पड़ता है।
किरण के प्रज्ञा केंद्र में ऑनलाइन ये काम होते हैं।
मरीजों को ऑनलाइन चिकित्सकीय सलाह: अपने केंद्र में किरण ने डिजिटल डॉक्टर सेवा भी प्रारंभ की है। इसके तहत जिला मुख्यालय एवं अन्य शहरों के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों को वे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चिकित्सीय सलाह दिलाती हैं। करीब मरीज इससे लाभान्वित हो चुके हैं।
बेरोजगारों को दिया रोजगार: किरण के केंद्र में करीब 15 युवाओं को रोजगार मिला है। इनमें तीन महिलाएं भी हैं। केंद्र में काम करने के एवज में इनको अच्छी आय हो जाती है।
रौशनी फैला रही हैं किरण
-अपने गांव में कॉमन सर्विस सेंटर से एक लाख लोगों का कराया आधार पंजीयन
– 6 हजार लोगों को दिलाए डिजिटल लॉकर
– 300 मरीजों को दिलाई ऑनलाइन चिकित्सकीय सलाह

(दैनिक जागरण से साभार)

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