चंदन कुमार
नयी दिल्ली:केंद्र सरकार देश में दलहन उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है। एक तरफ किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है तो वहीं कृषि वैज्ञानिक अपने प्रयोगों के जरिए नयी किस्में विकसित करने में लगे हए हैं ताकि पैदावार बढ़े और दलहन की आयात को लेकर दबाव कम हो। जी हां,इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने मूंग की खेती करने वाले किसानों को एक नयी सौगात दी है। अब मूंग की फसल अब 65 नहीं, बल्कि 55 दिन में ही तैयार हो जाएगी। भारतीय दाल अनुसंधान संस्थान का दावा है कि उनके वैज्ञानिकों ने 20 साल की लंबी मशक्कत के बाद मूंग की विराट नामक नई प्रजाति विकसित करने में सफलता हासिल की है। यह प्रजाति इसी साल से मध्य प्रदेश, राजस्थान व उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इसकी शुरुआत होगी।
बुआई की मिली अनुमती
इतना ही नहीं,भारतीय कृृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) ने मूंग की इस नई प्रजाति को 2016 के लिए रजिस्टर्ड करते हुए उसके उत्पादन की भी अनुमति दे दी है। इसके साथ ही बीज उत्पादन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब किसान इसे अपने खेतों में उगा सकेंगे। कृषि विशेषज्ञ देश में दालों की किल्लत को देखते हुए भारतीय दाल अनुसंधान संस्थान की इस उपलब्धि को बड़ी सफलता के तौर पर भी देख रहे हैं।
कम समय,अधिक उत्पादन
खास बात यह है कि मूंग की नई प्रजाति में किसानों को अब ज्यादा उत्पादन भी मिलेगा। इसके प्रयोग के जरिए किसान भाई प्रति हेक्टेयर में 10 -12 क्विंटल का उत्पादन होगा। नई प्रजाति का अनुसंधान करने वाली टीम का नेतृृत्व कर रहे कृृषि वैज्ञानिक और कृृषि मंत्रालय में पल्स डायेक्टर डॉ. बीबी सिंह के मुताबिक मूंग की इस प्रजाति सिर्फ दो पानी में ही तैयार होगी। साथ ही इसकी खेती से मिट्टी भी उपजाऊ होगी।
इस प्रोजेक्ट में सक्रिय रूप से भागीदार डॉ बी बी सिंह कहते हैं कि कम से कम समय में तैयार होने वाली मूंग की नई प्रजाति को लेकर पिछले 20 साल से हमारी टीम और मैं खुद भी काम कर रहा था। यह सफलता हमें इसी साल मिली। अब मूंग की नई प्रजाति 55 दिनों में तैयार होगी। अभी तक मूंग की किसी भी प्रजाति को तैयार होने में कम से कम 65 दिन का समय लगता है।
गौरतलब है कि इसके पहले भी भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (आईआईपीआर) के वैज्ञानिकों ने मूंग की दो ऐसी प्रजातियां विकसित किये जाने का दावा किया गया था जो 55 दिन में ही तैयार हो जाएगी। इन प्रजातियों को नाम दिया गया था आईपीएम 409-4 व आईपीएम-205-7। देश में दलहन उत्पादन विशेष रूप से मूंग उत्पादन का रकबा बढ़ा है। वर्तमान समय में पूरे देश में 28 लाख हेक्टेयर में बोई जाती है मूंग की फसल बोयी जाती है।
