संतोष कुमार सिंह
नई दिल्ली: पुलिसिया गोली से मरते हुए किसानों की फिक्र छोड़ अपने संसदीय क्षेत्र मोतिहारी में बाबा रामदेव के साथ योग कर आलोचना झेल रहे राधामोहन सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पलटवार किया है। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि बिहार के नीतीश कुमार योग के विशेषज्ञ है, इससे मैं सहमत हूं, किंतु आश्चर्य होता है कि मुख्यमंत्री एक तरफ प्रधानमंत्री द्वारा किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रति चिंतित भी है पर दूसरी तरफ बिहार में किसान कल्याण एवं कृषि विकास के लिए भारत सरकार द्वारा स्वीकृत एवं चलाई गयी योजनायों का क्रियान्वयन भी ठीक से नही होने दे रहे। इस संबंध मे जब भी कोई उनसे सवाल पूछता है तो विषय वस्तु को दूसरी तरफ मोड़ देते है।
नीतीश आवंटित राशि नहीं खर्च कर पा रहे
राधामोहन ने कहा है कि मुख्यमंत्री को बिहार की जनता को बताना चाहिए कि बिहार राज्य को प्रधानंमत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई के मद में वर्ष 2014-15 में 35 करोड़ और 2015-16 में 10 करोड़ रुपये दिए गये लेकिन 2016-17 के अंत तक भी 31.71 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पाये। प्रधानंमत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्य क्रियाकलापों के लिए 2015-16 में 18.60 करोड़ रुपये निर्गत किए गये लेकिन राज्य ने केवल 5.16 करोड़ रूपये का खर्च रिपोर्ट प्रस्तुत किया है एवं 2016-17 में 21.60 करोड़ रुपये निर्गत किए गये इसमें से 10.8 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पाये। अतः किये गये खर्च के उपलक्ष्य मे भौतिक प्रगति भी प्रस्तुत नही की है।
कृषि योजनाओं को नकारने से कैसे बढ़ेगी आमदनी
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत भी पिछले तीन वर्षों में जो राशि दी गयी उसमें भी 143.22 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पाये। एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसानों की आमदनी बढ़ाने की चर्चा करते हैं दूसरी तरफ सॉयल हेल्थ कार्ड स्कीम को नकारते भी हैं। लगता है कि बिहार में नीम कोटेड यूरिया को आने से भी मना कर देंगे। यदि मुख्यमंत्री ईमानदारी से किसानों की आमदनी बढ़ाने की चिंता में हैं तो मोदी सरकार द्वारा स्वीकृत योजनाओं को बिहार में क्रियान्वित कराने की प्रतिबद्धता भी दर्शाये सिर्फ भाषण से किसानों का भला नहीं होने वाला।
योग से ज्यादा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन की करें चिंता
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत राज्य सरकारों को अनाजों के उच्च पैदावार के बीजों को सबसिडी दर पर किसानों को उपलब्ध कराने के लिए राशि दी जाती है, बिहार सरकार के पास वर्ष 2014-15 में इस योजना के तहत 101.24 करोड़ की राशि उपलब्ध थी लेकिन 8 करोड़ खर्च नहीं कर पायी। 2015-16 में 64 करोड़ राशि में से 50 करोड़ खर्च नहीं कर पायी। 16-17 में भी 85.23 करोड़ की राशि उपलब्ध थी जिसमें 62 करोड़ रुपये भी 31 मार्च 2017 तक खर्च नहीं कर पायी। किसानों के लिए अति महत्वपूर्ण योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की चिंता योग से ज्यादा करनी चाहिए।
