मेवात में एक ऐसा गांव जिसका नाम होगा डोनाल्ड ट्रंप

0
472

पंचायत खबर टोली

वाशिंगटन, प्रेट्र : सुलभ इंटरनेशनल के मुखिया समाजसेवी बिंदेश्वरी पाठक का भारत में शौचालय अभियान को जन—जन तक पहुंचाने में अहम योगदान है। इसके लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया गया है। व​र्तमान सरकार के स्वच्छता ​अभियान को आगे बढ़ाने में भी डॉ पाठक सतत रूप से लगे हुए हैं।  वे इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। वहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने घोषणा किया है कि उन्होंने भारत के एक गांव का नाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर रखा है। यदि ऐसा होता है तो यह  सुलभ इंटरनेशनल द्वारा भारत-अमेरिकी संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में रोचक पहल है।

क्या कहा डॉ पाठक ने

समाजसेवी बिंदेश्वरी पाठक ने पाठक वाशिंगटन डीसी के पास एक उपनगरीय इलाके में सामुदायिक विकास के कार्यक्रम में  कि इस गांव को राजस्थान के मेवात क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। पाठक ने कहा, “मैं भारत में ट्रम्प के नाम पर एक गांव का नाम रखने की घोषणा करता हूं। इस कोशिश से भारत-अमेरिका के रिश्ते और बेहतर होंगे।”

डॉ पाठक ने इस कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय लोगों व नेताओं के समक्ष सुलभ इंटरनेशनल के कार्यो की प्रस्तुति देते हुए पाठक ने भारतीय अमेरिकी समुदाय से भारत में चल रहे स्वच्छता अभियान में सहयोग की अपील की। डॉ पाठक ने कहा कि,“शौचालय सबकी पहुंच में हो। इसके लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। हमारा मकसद है कि मैला ढोने की प्रथा पूरी तरह से खत्म होनी चाहिए।” इस दौरान उन्होंने भारतीय-अमेरिकी कम्युनिटी से भारत में स्वच्छता अभियान में सहयोग करने के लिए भी आग्रह किया। उन्होंने बताया कि भारत में एक शौचालय बनाने की लागत 25 से 500 डॉलर यानी तकरीबन 1600 से 32 हजार रुपये के बीच आती है। ये काफी हद तक कंस्ट्रक्शन के नेचर पर डिपेंड करता है। हालांकि सबमें टेक्नोलॉजी समान ही रहती है।

वर्जीनिया और मेरीलैंड में अपनाया जाएगा सुलभ तकनीक

वर्जीनिया के रिपब्लिकन नेता ग्लिसपेई ने कहा कि अमेरिका के भारत के साथ काफी अच्छे रिश्ते हैं। उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ सुलभ शौचालय की तकनीक को वर्जीनिया और मैरीलैंड में भी अपनाने पर विचार किया है। वर्जीनिया के ही रिपब्लिकन नेता पुनीत अहलूवालिया ने बताया कि वर्जीनिया के ग्रामीण इलाकों में शौचालय बनाने में समस्या है। इसके रखरखाव पर काफी खर्च आता है।

सुलभ इंटरनेशनल के मीडिया कॉर्डिनेटर डॉ. सुमन चाहर ने बताया कि मेवात हरियाणा के हीर मिथिला मछला (150 घरों की आबादी वाला गांव है. यहां सभी घरों में शौचालय हैं), धानुका और कुराली गांव इसके लिए शॉर्ट लिस्टेड हैं। इन तीनों में से किसी एक को चुना जा सकता है।

सरकार को जानकारी नहीं

राजस्थान सरकार के अधिकारियों ने कहा कि किसी गांव का नाम अमरीकी राष्ट्रपति के नाम पर रखने की सरकार की कोई योजना नहीं है,और न ही इस बाबत कोई प्रस्ताव आया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here