- हर व्यक्ति को मिलेगी सुविधा, करें जल्दी आवेदन
मऊ : किसानों के लिए फसल बीमा के बाद विभाग द्वारा मछुआरों को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया गया है। अब नीली क्रांति के माध्यम से स्थानीय स्तर उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य रखते हुए विभाग इससे जुड़े सभी लोगों का नि:शुल्क मछुआ बीमा करने जा रहा है। इस योजना में मत्स्य व्यवसाय से जुड़े सभी लोगों को बीमा दुर्घटना का लाभ प्रदान किए जाने का प्रावधान है। मसलन इस योजना में मत्स्य व्यवसाय, मत्स्य पालन, नाव-जाल बुनना, नाविकों व अन्य मत्स्य व्यवसाय से जुड़े संबंधित लोगों का बीमा नि:शुल्क किया जा रहा है। इसका लाभ लेने के लिए संबंधित अभ्यर्थी को मत्स्य विभाग में संबंधित प्रपत्र की छायाप्रति जमा करने पर बल दिया गया है।
मत्स्य पालन विभाग अभिकरण के मत्स्य निरीक्षक दिनेश कुमार गुप्ता बताते हैं कि मछुआरों सहित मत्स्य पालन व्यवसाय यथा मछली पालन, विपणन, नाविक, जाल बुनने वाले, मत्स्यजीवी समितियों सहित संबंधित लोगों का नि:शुल्क बीमा विभाग द्वारा किया जाएगा। बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाने की दशा में आश्रित को दो लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। पूर्ण अपंगता की स्थिति में बीमित व्यक्ति को एक लाख तथा अर्ध अपंगता की स्थिति में 50 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा। इच्छुक मत्स्य व्यवसायी आधार कार्ड, बैंक पास बुक की छायाप्रति के साथ एक फोटो के साथ बीमा का लाभ लेने के लिए कार्यालय में संबंधित प्रपत्र जमा करें। इस योजना का लाभ 15 जुलाई तक लिया जा सकता है।
प्रतिकूल मौसम में बरतें सावधानी
जून के महीने में वैसे तो समय—समय पर मानसूनी फुहार का आनंद मिलता है लेकिन गर्मी भी अपने प्रचंड रूप में होती है। मौसम में बदलाव के साथ जलाशय के प्रबधंन का भी यह सबसे खास महीना होता है। इस बीच विशेषज्ञों की राय है कि प्रतिकूल मौसम में मछली पालकों को सचेत रहने की आवश्यकता है। न सिर्फ मत्सय पालक जलस्तर को लेकर सचेत रहें अपितु इसके साथ ही आहार प्रबंधन के प्रति भी सतर्कता आवश्यक है। जल के प्रबंधन के साथ संपूरक आहार के प्रति जागरुकता बरतनी होती हैं। दूसरी ओर जलाशय में निरंतर जाल चलाकर चुना का छिड़काव करना भी आवश्यक होता है। बरसात से पूर्व जलाशय के सभी तटबंध की मरम्मत भी इसी समय कर लेना चाहिए।


