अक्षत सरोत्री
रांची: झारखंड में भुचाल लाने वाली खबर आज सामने आई है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के भाजपा में शामिल होने पर मुहर लग गई है। आधिकारिक रूप से वह 30 अगस्त को पार्टी की सदस्यता लेंगे।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने x अकाउंट पर पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी है। बता दें कि दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के बागी वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने पर फैसला हुआ। चर्चा ऐसी भी है कि चंपई सोरेन के साथ-साथ जेएमएम के कई बड़े नेता भी उनके साथ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
चंपई सोरेन का राजनीतिक करियर
1991 में पहली बार चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की।
1995 में JMM के टिकट पर जीत हासिल की।
2005 से लगातार चंपई सोरेन सरायकेला से विधायक हैं।
NDA सरकार में 11 सितंबर 2010 से 18 जनवरी 2013 तक कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
2019 में परिवहन, SC-ST और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री बने।
बिहार-झारखंड के बंटवारे में शिबू सोरेन के साथ अहम भूमिका निभाई।
चंपई सोरेन को झारखंड टाइगर नाम से जाना जाता है।
इससे पहले रांची से दिल्ली जाने से पूर्व असम के मुख्यमंत्री ने कहा : हम खुद चाहते हैं कि चंपाई सोरेन भाजपा में आयें और ताकत दें। वे बड़े लीडर हैं। उनके बारे में मुझे टिप्पणी करना अच्छा नहीं लगता है। पिछले पांच-छह माह से उनसे बात होती रही है। अब तक उनके साथ कोई भी राजनीतिक बात नहीं हुई है।
यह पूछने पर कि आपने कहा है कि जो राष्ट्र की बात करता है, उसके साथ हाथ मिलाने को तैयार हैं? ऐसे में क्या भाजपा-झामुमो से तालमेल कर सकती है? इस पर श्री सरमा ने कहा : अगर सितंबर के पहले हेमंत सोरेन पांच लाख नौकरी देते हैं, तो हम उनके साथ हैं? अगर घुसपैठियों के खिलाफ वे खड़े होते हैं, तो हम उनके साथ हैं? अगर मुहर्रम के समय हिंदुओं के साथ होनेवाले व्यवहार के खिलाफ अगर वे खड़े हैं, तो हम उनके साथ हैं? हमारे लिए राष्ट्र प्रथम है, भाजपा नहीं, लेकिन समस्या है कि झामुमो क्या करेगा? उन्होंने कहा कि झारखंड में घुसपैठियों का मुद्दा बड़ा है।

