
पटना: बिहार पंचायत चुनाव में 11 चरणों में संपन्न होने हैं। 24 सितंबर को पहले फेज की वोटिंग होगी, वहीं 12 दिसंबर को आखिरी चरण का मतदान होगा। 24 सितंबर को पहले फेज के होने वाले मतदान के लिए नामांकन की प्रक्रिया गुरूवार यानी कल से शुरू हो जाएगी। 08 सितंबर तक नामांकन पर दाखिल किए जाएंगे और 11 सितंबर तक नामांकन पत्रों की समीक्षा की अंतिम तिथि होगी। वहीं, 13 सितंबर तक नामांकन पत्र की वापसी की अंतिम तिथि होगी। वहीं, प्रत्याशियों को 13 सितंबर को ही चुनाव चिन्ह आवंटित किया जाएगा। पहले चरण के सभी प्रखंडों में 24 सितंबर को चुनाव को लेकर मतदान होगा और 26 व 27 सितंबर को मतगणना होगी। इसके साथ ही चुनाव परिणाम जारी कर दिए जाएंगे।
इन प्रखंडों में होगा चुनाव
10 जिलों के 12 प्रखंडों में पहले चरण में पंचायत चुनाव होगा। संबंधित जिलों के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी, पंचायत द्वारा सूचना का प्रकाशन किया जाएगा। ये जिले व प्रखंड हैं रोहतास के दावथ व संझौली, कैमूर के कुदरा, गया के बेलागंज, खिजरसराय, नवादा के गोविंदपुर, औरंगाबाद के औरंगाबाद, जहानाबाद के काको, अरवल के सोनभद्र-बंशी-सूर्यपुर, मुंगेर के तारापुर, जमुई के सिकंदरा और बांका के धोरैया प्रखंडों में पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।
जानें कब क्या होगा :
सूचना का प्रकाशन — 01.09.21
नामांकन प्रारंभ — 02.09.21
नामांकन की अंतिम तिथि — 08.09.21
नामांकन पत्रों की समीक्षा — 11.09.21
नामांकन वापसी की अंतिम तिथि — 13.09.21
प्रतीक आवंटन की तिथि — 13.09.21
मतदान की तिथि — 24.09.21
मतगणना की तिथि — 26-27.09.21
चुनाव के ग्यारह चरण…मतदान की तिथि
11 फेज में होंगे बिहार पंचायत चुनाव, जानिए वोटिंग की तारीख
बिहार पंचायत चुनाव में इस बार 11 चरणों में वोटिंग होगी।
शिड्यूल इस प्रकार है… पहला चरण – 24 सितंबर, दूसरा चरण – 29 सितंबर, तीसरा चरण – 8 अक्टूबर, चौथा चरण – 20 अक्टूबर, 5वां चरण – 24 अक्टूबर, 6वां चरण – 3 नवंबर, 7वां चरण – 15 नवंबर, 8वां चरण – 24 नवंबर, 9वां चरण – 29 नवंबर, 10 वां चरण – 8 दिसंबर, 11वां चरण – 12 दिसंबर।
उम्मीदवारों के लिए ये अर्हता जरूरी
बिहार पंचायत चुनाव में भागीदारी करने वाले किसी भी प्रत्याशी की उम्र 21 साल से कम नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा 21 वर्ष से कम आयु के लोग किसी प्रत्याशी के प्रस्तावक भी नहीं बन सकते।
इस दायरे में कर सकते हैं नामांकन
बिहार पंचायत चुनाव में यदि आप मुखिया पद के प्रत्याशी हैं तो आपको अपने प्रखंड के किसी भी पंचायत से चुनाव लड़ने की छूट है,लेकिन साथ ही शर्त ये है कि मुखिया प्रत्याशी का नाम उस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सूची में हो। इसी तरह से सरपंच या फिर पंचायत समिति सदस्य के लिए भी दावेदारी करने वाले प्रत्याशियों को भी इन नियमों का पालन करना जरूरी होगा। अगर मतदाता सूची में उस उम्मीदवार का नाम नहीं होता है तो वह उस इलाके में अपनी उम्मीदवारी का दावा नहीं कर पायेगा।
जिला परिषद सदस्य के उम्मीदवार अपने जिले के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से नॉमिनेशन फाइल कर सकते हैं। हालांकि, आयोग ने ये भी साफ किया है कि अगर पंचायत समिति सदस्य, मुखिया और सरपंच बिना मतदाता सूची में नाम रहे ही उम्मीदवार बनते हैं और चुनाव जीत जाते हैं तो उनका निर्वाचन सुप्रीम कोर्ट की ओर से एसएलपी सुरेंद्र कुमार बनाम बिहार सरकार और अन्य पारित आदेश के अनुसार ही मान्य माना जाएगा।
खर्च की सीमा का रखें ध्यान
राज्य निर्वाचन आयोग ने बिहार पंचायत चुनाव के मद्देनजर व्यापक दिशानिर्देश जारी किये हैं। अपने 101 पन्ने का गाइडलाइन्स के जरिए विभाग ने कहा है कि पंचायत चुनाव में मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच, पंच, पंचायत समिति और जिला पार्षद पद पर प्रत्याशियों के खर्च की सीमा निर्धारित की है। इसमें जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को 1 लाख रुपये तक खर्च की छूट दी गई है। मुखिया और सरपंच उम्मीदवार 40 हजार रुपये खर्च कर सकते हैं। पंचायत समिति सदस्य को 30 हजार और ग्राम पंचायत सदस्य और पंच को 20 हजार खर्च करने की छूट दी गई है।
इसके साथ ही निर्वाचन आयोग की दिशा निर्देश के मुताबिक, चुनाव प्रचार के दौरान ग्राम पंचायत के सदस्य, पंच पद के कैंडिडेट एक बाइक से प्रचार कर पाएंगे। मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति के सदस्य पद के उम्मीदवार 2 बाइक या 1 हल्के मोटर वाहन से प्रचार कर पाएंगे। जिला परिषद के सदस्य पद के प्रत्याशी 4 बाइक या 2 हल्की गाड़ियों से कैंपेन कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस बार बिहार पंचायत चुनाव में पहली बार ईवीएम का इस्तेमाल होगा। ईवीएम के माध्यम से चार पदों मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए मतदान होगा। जबकि दो पदों, पंच व सरपंच के लिए बैलेट बॉक्स के माध्यम से मतदान होना है।

