
पटना: बिहार में सब्जी उत्पादक किसान सब्जी की खेती कों लेकर काफी रुचि लेने लगे हैं लेकिन इन किसानों को सब्जी की खेती में होने वाली कई बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बिहार सरकार ने इन किसानों के लिए तना और फल छेदक,सब्जियां सफेद मक्खी,फल सड़न और उखड़ा जैसे रोगों की पहचान कर इनसे निपटने के सही तरीकों की जानकारी दी है। ताकि सभी किसान भाईयों को कोई भी नुकसान न हो।
सरकार की योजना
भारत में सब्जियों का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाता है जबकि बिहार सरकार इसमें और वृद्धि करना चाहती है। जिसके लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बिहार सरकार सब्जी-बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। यही वजह है कि किसान भाई भी इसमें बढ़-चढ़कर रुचि ले रहे हैं। हालांकि हर फसल के साथ कुछ चुनौतियां भी आती है। इसको लेकर बिहार सरकार के कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है। ऐसे में आज हम आपको सब्जी की फसलों में लगने वाले कीट और रोगों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिनका बचाव करना बेहद जरूरी है नहीं तो पूरी फसल खराब हो सकती है।
तना व फल छेदक सब्जियां
तना व फल छेदक सब्जियों और फलों के अंदर कीट घुसकर पौधे और फसल को बर्बाद कर देते हैं। इससे बचाव के लिए कीट लगी फलों और सब्जियों को एकत्रित कर जला देना चाहिए।वहीं पर कीटनाशक दवा को प्रति लीटर पानी मिलाकर छिड़काव करना चाहिए।
सफेद मक्खी का प्रकोप
सफेद मक्खी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाती है। यह शिशु और वयस्क दोनों ही अवस्थाओं में पत्तियों का रस चूसने का काम करती है। इस मक्खी से फसल में वायरस भी फैल सकता है क्योंकि यह बहुत ही खतरनाक होती है। सफेद मक्खी से फसल बचाव के लिए करें कि खेत में खरपतवार न हो। और बचाव के लिए पानी में कीट नाशक दवा मिलाकर छिड़काव करें।
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फलों को सड़न से कैसे बचायें
फलों में सड़न रोग होने पर पौधे की पत्तियों में धब्बे बन जाते हैं। यह रोग जमीन से सटे फलों के हिस्सों पर ज्यादा हमला करते है। कीट से वचाब के लिए पानी में कीट नाशक दवा को घोल कर छिड़काव करना चाहिए। जिसके कारण फलों में सड़न न आए।
क्या है उखड़ा रोग
उखड़ा रोग में पौधे की निचली पत्तियां पीली पड़ जाती हैं। जिसके बाद पौधा सूखने लग जाता है। इसके कॉपर ऑक्सीक्लोराइड आधी मात्रा में घुलनशील पाउडर का प्रति लीटर पानी में मिलाकर तैयार किया गया घोल मिट्टी पर छिड़कना चाहिए। जिससे पौधे की पत्तियां पीली न पड़े।



