बिहार सरकार ने किया किसानों का दावा खारिज, गंगा तट की जमीन घोषित की सरकारी

0
166
शाश्वत सिंह

 

 

पटना:  बिहार सरकार ने किसानों को दिया बड़ा झटका, पटना जिला प्रशासन ने उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें किसान गंगा किनारे की जमीन पर अपना दावा पेश कर रहे थे। पटना जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा की गंगा किनारे की जमीन किसानों को नहीं मिलेगी। इसी के साथ पटना शहर के उत्तर गंगा तट पर स्थित विवादित टोपो लैंड को लेकर वर्षों से चल रहे भूमि विवाद का निर्णय हो गया।

 

 

 

 

 

विवाद का कारण-
असर्वेक्षित भूमि
यह जमीन टोपो लैंड के रूप में जानी जाती है, जिसका मतलब है कि अंग्रेजों के शासनकाल में इसका सर्वेक्षण नहीं हो पाया था।

 

 

भूमि को लेकर विवाद
कुछ किसान वर्षों से इस जमीन पर खेती कर रहे थे और उन्होंने इस पर अपना अधिकार जताते हुए मुआवजे की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने इस दावे को खारिज कर दिया है।

 

 

ये भी पढ़े…

राहुल गांधी का NDA पर तीखा हमला, ‘डबल इंजन सरकार’ को बताया धोखेबाज

 

 

बिहार सरकार की जमीन
राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह जमीन सरकारी है और किसानों का कोई भी दावा मान्य नहीं है।

 

 

 

 

गंगा तट को विकसित करेगी सरकार
गंगा तट की जमीन पर प्रशासन राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए किराये पर देने की योजना बना रहा है। इसके लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद दीघा से लेकर कंगनघाट तक गंगा किनारे की जमीनों को अस्थायी कार्यक्रमों के लिए आवंटित किया जाएगा। हालांकि, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अनुसार इस भूमि पर स्थायी निर्माण नहीं किया जा सकेगा। वहीं बिहार सरकार दीघा से कलेक्ट्रेट तक की गंगा किनारे की जमीन को विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। जेपी गंगा पथ के दोनों ओर रिवर फ्रंट और सार्वजनिक उद्यान बनाए जाने की तैयारी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here