पूजा
Artificial Intelligence in Farming: आज के आधुनिक समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल हर क्षेत्र में किया जा रहा है। इससे काम करना पहले से कहीं ज्यादा आसान साबित हो रहा है। अब कृषि के क्षेत्र में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ली जा रही है। जिससे किसानों के लिए आर्थिक लाभ और कम लागत के साथ बेहतर उत्पादन प्राप्त करने का वादा कर रही है।
एआई की मदद से की खेती
ऐसे में एआई की मदद से महाराष्ट्र के बारामती की 56 साल की महिला किसान सीमा चौहान ने एआई के इस्तेमाल से गन्ने की खेती में क्रांति ला दी है। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने हाल ही में सीमा चौहान का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने एआई के उपयोग से खेती में हुए फायदों के बारे में बताया। सीमा के अनुसार एआई के इस्तेमाल से उनकी खेती की लागत में 30 फीसदी की कमी आई है और उत्पादकता में 30 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
घर बैठे काम करती है सीमा
महिला किसान सीमा चौहान ने अपने खेत के डेढ़ एकड़ हिस्से में एआई की मदद से गन्ने की खेती की है। उनका खेत उनके घर से 30 किलोमीटर दूर है, लेकिन एआई की मदद से वे घर बैठे ही अपनी खेती को मैनेज कर लेती हैं। मोबाइल ऐप के जरिए उन्हें रियल टाइम में रियल डेटा मिल जाता है, जिससे वे सही समय पर खेती को लेकर सही कदम उठा पाती हैं।
ये भी पढ़े…
एआई कैसे काम करता है
खेती में एआई के इस्तेमाल के लिए खेत में एक टावर लगाया जाता है, जिसमें एआई पावर सेंसर फिट होते हैं। ये सेंसर मौसम की जानकारी, मिट्टी की स्थिति, पानी की जरूरत, फर्टिलाइज़र और पेस्टिसाइड की आवश्यकता जैसी सभी जानकारियां मोबाइल ऐप पर भेजते हैं। इससे किसान को घर बैठे ही अपने खेत की पूरी जानकारी मिल जाती है और वे समय रहते सही कदम उठा सकते हैं।
एआई से किसानों हुआ फायदा
सीमा चौहान का कहना है कि एआई की मदद से उन्हें खेती की लागत में 30 फीसदी की कमी आई है और उपज 30-40 फीसदी तक बढ़ गई है। इसके अलावा, एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाए तो इससे किसानों के उत्पादन में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी। साथ ही इससे 30 से 40 प्रतिशत पानी की बचत होगी और उत्पादन लागत में 20 से 40 प्रतिशत की कमी आएगी तथा मिट्टी की उर्वरता में भी वृद्धि होगी। इससे खेती में घाटे का सौदा नहीं होगा और किसान को सही समय पर सही जानकारी मिलती है।


