Delhi: दिल्ली वक्फ घोटाले में AAP विधायक अमानतुल्लाह पर गिरी गाज, हुई गिरफ्तारी

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अक्षत सरोत्री

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने आम आदमी पार्टी के नेताओं की गृह नक्षत्र की दशा खराब चल रही है। एक के बाद एक नेता और विधायक जांच एजेंसियों द्वारा दबोचे जा रहे हैं। पहले स्वास्थ्य मंत्री सतपाल जैन उसके बाद मनीष सिसोदिया फिर संजय सिंह फिर उसके बाद शनि का सीधा हमला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अब ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान को प्रवर्तन निदेशालय ने कई घंटों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

इससे पहले आप विधायक ने दावा किया था कि ईडी मुझे गिरफ्तार करने के लिए मेरे घर पहुंच गई है। दिल्ली पुलिस की भारी फोर्स और अर्धसैनिक बल साथ में मौजूद हैं। ईडी के एक विश्वस्त सूत्र का कहना था कि कई घंटों से दिल्ली वक्फ घोटाले में कई घंटों से छापेमारी चल रही है। ईडी के 6 से 7 अधिकारी सर्च ऑपरेशन और पूछताछ कर रहे हैं।

दिल्ली के ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इसकी जानकारी दी। अमानतुल्लाह खान ने कहा कि अभी सुबह-सुबह तानाशाह के इशारे पर उनकी कठपुतली ईडी मेरे घर पर पहुंच चुकी है, मुझे और आम आदमी पार्टी नेताओं को परेशान करने में तानाशाह कोई कसर नहीं छोड़ रहा। ईमानदारी से अवाम की खिदमत करना गुनाह है। आखिर ये तानाशाही कब तक चलेगी?

बता दें कि, ईडी पहले भी अमानतुल्लाह खान से कई राउंड पूछताछ कर चुकी है। अमानतुल्लाह के वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के बाद दिल्ली पुलिस का अतिरिक्त बल मौके पर पहुंचा है। ईडी की इस छापेमारी पर अमानतुल्लाह के चचेरे भाई मिनातुल्लाह खान ने कहा कि उनके भाई की सास का हाल ही में ऑपरेशन हुआ है। वह कैंसर से पीड़ित है। एसीबी और सीबीआई की जांच के बावजूद अभी तक कुछ नहीं मिला। अब ईडी जांच कर रही है।

संजय सिंह ने बीजेपी को घेरा

आप सांसद संजय सिंह ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि तानाशाही और निर्दयता कब तक चलेगी। अमानतुल्लाह की सास का ऑपरेशन हुआ है। अमानतुल्लाह पहले भी ईडी की जांच में शामिल हुए थे। उन्होंने ईडी से कुछ समय मांगा था लेकिन तानाशाही पराकाष्ठा देखिए सुबह-सुबह ईडी ने घर पर धावा बोल दिया।

विवादों से है पुराना नाता

अमानतुल्लाह खान का जन्म 10 जनवरी 1974 में उत्तर प्रदेश के मेरठ के अगवानपुर गांव में हुआ था। दिल्ली वक्फ बोर्ड में कथित घोटाले के साथ-साथ शाहीन बाग में नागरिक संशोधन कानून विधेयक के खिलाफ आंदोलन में भी अमानतुल्लाह खान ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था।

आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य कुमार विश्वास को संघ और भाजपा का एजेंट तक कहने वाले अमानतुल्लाह को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का संरक्षण प्राप्त व्यक्ति बताया जाता है। मूलतया उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले अमानतुल्लाह खान दिल्ली में जामिया में पढ़ाई करने दिल्ली आए, लेकिन वह कभी अपनी पढ़ाई पूरी नहीं हुई।

अमानतुल्लाह ने वर्ष 2013 में सबसे पहले लोक जन शक्ति पार्टी से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में महज 3600 वोट मिले थे। इसके बाद वह आम आदमी पार्टी में शामिल हुआ और ओखला से वर्ष 2015 विधानसभा चुनाव लड़ा।

पार्टी की महिला ने लगाया था यौन शोषण का आरोप

चुनाव में अमानतुल्लाह ने बीजेपी के ब्रह्म सिंह को हराया था। सितंबर 2016 में अमानतुल्लाह की रिश्तेदार एक महिला ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्होंने पार्टी की सभी पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा अमानतुल्लाह पर 2017 में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मारपीट का भी आरोप लगा था।

18 अप्रैल 2017 में अमानतुल्लाह खान ने एमसीडी चुनाव से पहले जामिया नगर में कांग्रेस समर्थकों पर कथित तौर पर गोली चलवाई थी। मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। अमानतुल्‍लाह खान के खिलाफ वर्ष 2018 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ बदसलूकी के आरोप में दर्ज किया गया था।

क्या है दिल्ली का वक्फ घोटाला?

नवंबर 2016 में वक्फ बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष और आप विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में कहा गया था कि अमानतुल्लाह खान ने वक्फ बोर्ड के कई स्वीकृत और गैर-स्वीकृत पदों पर अवैध तरीके से भर्ती की। मामले की सीबीआई जांच हुई थी। इसमें यह बात सामने आई कि अमानतुल्लाह खान ने जानबूझकर नियमों की अनदेखी की और मनमाने तरीके से अपने चहेतों की नियुक्ति की।

मामला सामने आने के बाद सीबीआई ने केस दर्ज किया। सीबीआई के बाद इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ईडी ने भी केस दर्ज कर लिया। सितंबर 2022 में इस घोटाले की जांच के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को कौशर इमाम सिद्दिकी उर्फ लड्डन के घर से डायरी भी मिली। कौशर को अमानतुल्लाह का करीबी माना जाता है।

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