उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना के निर्माण के लिए प्रधान सचिव नृपेन्द्र मिश्रा से मिले बिहार—झारखंड के सांसद

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संतोष कुमार सिंह

नयी दिल्ली: झारखंड और बिहार से जुड़े सांसदों ने उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना (मण्डल डैम) के निर्माण के मुद्दे को एक बार फिर जोरशोर से उठाया है। इस मसले पर लिए शुक्रवार को साउथ ब्लाॅक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधान सचिव  नृपेन्द्र मिश्रा के साथ बैठक की। इस बैठक में औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह, पलामू लोक सभा सांसद वी. डी. राम, गया सांसद हरि मांझी,जहानाबाद सांसद डाॅ. अरूण कुमार, राज्यसभा सांसद डाॅ. गोपाल नारायण सिंह एवं चतरा लोक सभा के सांसद सुनील कुमार सिंह शामिल हुए।

pmo इस दौरान प्रधान मंत्री के प्रधान सचिव नृपेन्द्र मिश्रा ने झारखण्ड़ के मुख्य सचिव एवं भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव सहित संबंधित अधिकारियों से योजना की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की साथ ही जरूरी निर्देश दिये। यह भी निर्णय लिया गया कि अगली बैठक इसी माह 16 दिसंबर को होगी जिसमें भारत सरकार के संबंधित पदाधिकारियों के साथ – साथ झारखंड और बिहार के संबंधित क्षेत्र के संसद सदस्य एवं विभागों उच्च पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।
सभी सांसदों ने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी  एवं प्रधान मंत्री कार्यालय के अधिकारियों को उत्तर कोयल जलाशय परियोजना के प्रति निरन्तर सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह ने कहा कि बरवाडीह प्रखंड स्थित उत्तर कोयल सिंचाई परियोजना राज्य की एक महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय योजना है। लातेहार, पलामू और गढ़वा जिलों में भू- जल स्तर के निरन्तर हास्र का भी प्रभावी निशेध होगा। क्षेत्र का जल स्तर में सुधार होगा।

pmo-290 फीसदी काम हुआ पूरा
इस परियोजना को लेकर चतरा के सांसद सुनिल कुमार सिंह एवं अन्य बिहार—झारखंड के सांसद समय पर प्रयास करते रहे हैं। सांसदों की एक टीम ग्राउंड जीरो पर जाकर योजना के संबंध में जानकारी जुटा चुकी है। वन एवं पर्यावरण मंत्री के साथ ही प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ भी समय—समय पर बैठक की गयी।

 चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह सहित बिहार और झारखंड के सांसदों की एक टीम नें निर्माणाधीन उत्तर कोयल जलाशय परियोजना के निर्माण स्थल का मुआयना किया। जिसमें इस परियोजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की है जिससें विदित होता है कि इस परियोजना का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। परन्तु वन एवं पर्यावरण विभाग के कानूनों के प्रतिबंधो के कारण यह योजना अबतक लंबित है। दिनांक 20 अगस्त 2015 को केन्द्रीय राज्य मंत्री पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय  प्रकाष जावडे़कर ने झारखण्ड़ में मण्ड़ल डैम के निर्माणाधीन स्थल का दौरा करके परियोजना को पूरा करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाया गया।

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