
मुबंई: महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश से किसानों को काफी नुक्सान उठाना पड़ रहा है। दरअसल लगातार 20 दिनों से ज़्यादा बेमौसम बारिश ने महाराष्ट्र के प्याज़ किसानों पर कहर बरपाया है बल्कि कटी हुई फसल भी बर्बाद कर दी है, जिससे हज़ारों किसान संकट में हैं। महाराष्ट्र राज्य प्याज़ उत्पादक किसान संघ के संस्थापक-अध्यक्ष भरत दिघोले ने बताया, “मई में बारिश किसानों के लिए असामान्य नहीं है, लेकिन बारिश इस बार बढ़ती तीव्रता के साथ 20 दिनों से जारी है। बारिश ने अभूतपूर्व नुकसान पहुँचाया है। किसी ने हमें चेतावनी नहीं दी थी कि यह बेमौसम बारिश इतना लंबा चलेगा।”
प्याज की फसल को पहुंचा नुकसान
महाराष्ट्र के कोंकण, नासिक, पुणे, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, लातूर, अमरावती और नागपुर सहित प्याज उगाने वाले क्षेत्रों में 6 मई से लगातार बारिश हो रही है। धुले, अहिल्यानगर, सोलापुर, बीड, धाराशिव, अकोला, जालना, बुलढाणा और जलगांव के किसानों ने भी अप्रत्याशित बारिश के कारण फसल के नुकसान की सूचना प्राप्त हुई है।प्याज किसानों का कहना है कि अगर बारिश 15 दिन बाद आती, तो सैकड़ों क्विंटल प्याज बच सकती थी।
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प्याज का ताजा मंडी रेट
इस साल 1 अप्रैल को केंद्र सरकार ने प्याज के निर्यात पर लगाई गई 20 फीसदी ड्यूटी हटा दी थी। इसके बावजूद, थोक बाजार में प्याज के औसत दाम 1,050 रुपये से 1,200 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बना हुआ हैं। फिलहाल देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव एपीएमसी में प्याज का औसत थोक दाम 1,200 रुपये प्रति क्विंटल है। यहां न्यूनतम भाव 600 रुपये और अधिकतम 1,612 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है।
