
garlic cultivation: देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। 9 अप्रैल को उत्तर भारत समेत कई राज्यों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और जोरदार बारिश देखने को मिली, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां एक किसान की खेत में कटी हुई लहसुन की फसल बारिश और तेज हवाओं की भेंट चढ़ गई। किसान की महीनों की मेहनत चंद मिनटों में बर्बाद हो गई, जिससे ग्रामीण इलाकों में मायूसी का माहौल है।
लहसुन की फसल हुई बर्बाद
हालांकि पिछले दिनों हुए बारिश और तेज हवाओं में काफी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। दरअसल, औरैया जिले के किसान ने लहसुन की खेती से अच्छे मुनाफे की उम्मीद लगाई थी। लेकिन बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसान ने बताया कि उन्होंने 30 हजार रुपये क्विंटल लहसुन का बीज खरीद कर खेती की थी। किसान को उम्मीद थी कि उन्हें अच्छी पैदावार मिलेगी। लेकिन उन्हें ये उम्मीद नहीं थी कि लहसुन केवल 3 से 5 हजार रुपए क्विंटल के दाम पर बिकेगा।
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बारिश ने फेरा उम्मीदों पर पानी
किसानों ने बताया कि वो कम दाम मिलने से पहले ही परेशान थे। इसी बीच पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। साथ ही किसान ने कहा कि उन्होंने अपनी खेतों से लहसुन की खुदाई कर ली थी। तभी बारिश हो गई, जिसके बाद लहसुन भिग कर बिलकुल सड़ने की कगार पर पहुंच गया है।
किसानों को मिलेगा मुआवजा
हालांकि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार देर रात से प्रदेश में खराब मौसम, तेज हवा और ओलावृष्टि से अन्नदाता किसान की फसलों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, एसडीएम और तहसीलदारों को मौके पर जाकर तत्काल सर्वे कराकर संबंधित विभाग को डिटेल उपलब्ध कराने के लिए दिया है। ताकि 24 घंटे में अन्नदाताओं के खाते में क्षतिपूर्ति की धनराशि को भेजा जा सके। इतना ही नहीं, सीएम योगी ने अधिकारियों को क्षतिपूर्ति देने में लापरवाही न करने की हिदायत दी है।


